देशभर में 14 फरवरी को वसंत पंचमी और वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। इसी दिन को इंदौर शहर के कृष्णा मिश्रा गुरुजी बीते पांच साल से दंपती दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस दिन वे कुछ दंपतियों का सम्मान भी करते हैं।
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दंपती दिवस पर खास दंपतियों को सम्मानित करते कृष्णा मिश्रा गुरुजी
- फोटो : सोशल मीडिया
देशभर में 14 फरवरी को वसंत पंचमी और वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। इसी दिन को इंदौर शहर के कृष्णा मिश्रा गुरुजी बीते पांच साल से दंपती दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस दिन वे कुछ दंपतियों का सम्मान भी करते हैं। गुरुजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा रिश्ता पति-पत्नी का है। इस रिश्ते के बाद ही हर रिश्ता शुरू होता है।
बता दें कि गुरुजी इस दिन उन लोगों का सम्मान करते हैं, जिनकी शादी के 60 साल से अधिक हो चुके हैं और दिव्यांग जोड़े जो अपनी शारीरिक विषमताओं को लेकर साथ चल रहे हैं। साथ ही आज के उन युवाओं को संदेश देते हैं जो गुलाब लेकर एक-दूसरे से प्रेम का इजहार करते हैं और अपने प्रेम का इजहार कर पति-पत्नी बनने की कामना कर रहे हैं। लेकिन पति-पत्नी के रिश्ते की महत्ता को समझ नहीं पाते। गुरुजी का संदेश है कि पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को मजबूती से निभाएं, एक-दूसरे के स्वभाव, पसंद न पसंद और विषमताओं को लेकर चलना ही सच्चा दंपती जीवन है। आंकड़े बताते हैं 1992 से जब से वेलेंटाइन डे भारत में प्रचलित हुआ, उसके बाद से तलाक के आंकड़े बढ़ते गए। समाज में तलाक को कम करने के लिए दंपती दिवस जरूर रंग लाएगा। कृष्णा गुरुजी का समाज से अनुरोध है कि दंपति दिवस को बढ़ावा दें आपके आस पास के दंपति का सम्मान करें।
मानवसेवी कृष्णा मिश्रा गुरुजी दंपती दिवस के रूप में गत कई साल से रिश्तों में भगवान का संदेश दे रहे हैं। इसमें सभी वर्गों के दंपती का सम्मान तिरंगे दुप्पटे से कर वैलेंटाइन डे मनाने वालों को भी संदेश देते हैं कि प्यार के इजहार के बाद अगर पति-पत्नी बनें तो इनसे प्रेरणा लें, जो विषमता को लेकर कई साल से साथ हैं।
दंपतियों के सम्मान के साथ युवाओं को भी संदेश देते हैं कृष्णा मिश्रा गुरुजी
- फोटो : सोशल मीडिया
इनका किया सम्मान
बुधवार को गुरुजी ने महादेव तोतला नगर के रहने वाले श्री राम चालीस गांवकर (85) पत्नी सीमा चालीसगांवकर (84) का सम्मान किया। इन्होंने 60 पहले प्रेम विवाह किया था। द्वितीय दंपती दिव्यांग शंकर डे (75) पत्नी मंजू डे। विवाह को 50 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। शंकर डे इस कलयुग में वाकई शंकर बन दिव्यांग मंजू डे से विवाह किया। सम्मानित दंपती चंद्र कांत मिश्र (75) पत्नी चंपा देवी मिश्रा (75) का विवाह साल 1974 में हुआ था। विशेष बात यह विवाह अंतर्जातीय हुआ था जो 50 वर्ष पहले एक अचंभा था। इस वर्ष के पद्मश्री के लिए चयनित हुए सत्येंद्र लोहिया दिव्यांग तैराक (35) और उनकी पत्नी मीनाक्षी को सम्मानित किया। सत्येंद्र लोहिया ने कहा सबके जीवन में विषमता है। विषमता तो ले कर चलना ही दांपत्य जीवन है।
युवाओं को दिया संदेश
कृष्णा गुरुजी की यह पहल युवाओं को संदेश दे रही है। जो युवा प्यार का इजहार आज कर रहे हैं, उनके जीवन को मार्गदर्शन मिलेगा। समाज के लिए उन्होंने कहा, भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा रिश्ता पति-पत्नी का है। इस रिश्ते के बाद ही हर रिश्ता शुरू होता है। इस रिश्ते की अहमियत आज के युवा लगभग भूल चुके हैं। बीते सात साल से श्याम शर्मा पत्नी सहित दृष्टिबाधित हैं। श्याम शर्मा ने कहा, आज का युवा सिर्फ अस्थाई रिश्तों में विश्वास करने लगा है, जिसका दुष्परिणाम अकेलापन और तनाव है। वैवाहिक जीवन के बारे में कहा, विवाह को आगे ले जाने में बहुत कड़वे घूंट पीने पड़ते हैं, जो पी गया उसका कुटुंब बन गया। अंत में आस्था आश्रम में निराश्रित दंपती घनश्याम राय (89), जो बिस्तर पर हैं। राय की पत्नी कमला राय उनकी सेवा हर पल करती रहती हैं। कमला ने कहा कि मेरी पूरी जीवन इच्छा मेरे पति हैं। कृष्णा गुरुजी ने कहा, संबंधों की मजबूती हमारा सबसे पहला धन है। बताते चलें, गुरुजी से जुड़े हुए लोग उज्जैन भोपाल फरीदाबाद, दिल्ली, पूना भोपाल ,बंगलौर, अमेरिका, कनाडा और दुबई में भी दंपती दिवस मनाया गया।