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World Tourism Day: एमपी का नया पर्यटन केंद्र बनेगा महाकाल कॉरिडोर, कूनो के चीते देखने देशभर से आएंगे पर्यटक

Tue, 27 Sep 2022 11:36 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

World Tourism Day: एमपी का नया पर्यटन केंद्र बनेगा महाकाल कॉरिडोर, कूनो के चीते देखने देशभर से आएंगे पर्यटक
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महाकाल कॉरीडोर - फोटो : सोशल मीडिया
देश का हृदय मध्यप्रदेश अपने प्राकृतिक सौंदर्य और मनमोहक धरोहर के कारण देशभर में जाना जाता है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश बेहद समृद्ध राज्य है।  मध्यप्रदेश वन और खनिज संपदा से भरपूर तो है ही इसके साथ ही यहां की कला, संस्कृति और पर्यटन स्थल भी आकर्षण के केन्द्र हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश में पर्यटन विकास एवं पर्यटकों की गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि कोविड महामारी के दौर से उबरने के बाद मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार तेजी के साथ बढ़ रही है। 
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पर्यटकों को पसंद आ रहा इंदौर - फोटो : सोशल मीडिया
8 महीने में 76 लाख पर्यटक आए मध्यप्रदेश
कोरोना की मार से सबसे अधिक प्रभावित रहा मध्यप्रदेश का पर्यटन उद्योग अब सरकार की बड़ी कोशिशों के चलते पटरी पर लौटने लगा है। 2022  के शुरुआती तीन महीने में 76 लाख 11 हजार 898 देशी पर्यटकों ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर रुख किया। 2021 में मप्र आने वाले देशी पर्यटकों की कुल संख्या दो करोड़ 48 लाख 28 हजार 233 थी। वर्ष 2022 में पर्यटकों की बढ़ती तादात को देखते हुए कहा जा सकता है पर्यटकों की आमद के लिहाज से ये साल बेहतर रहेगा और पर्यटकों की संख्या रिकार्ड बनाएगी।  
 
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कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीते - फोटो : सोशल मीडिया
एमपी पर्यटकों के लिए वन स्टॉप डेस्टिनेशन  
नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य और अद्भुत स्थापत्य कला के धनी मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति पूरे भारत में अद्वितीय है। प्रदेश के नैसर्गिक और लुभावने स्थलों को पर्यटन के लिए विकसित किया बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए। अब पर्यटन सिर्फ मनोरंजन नहीं रहा बल्कि रोजगार, स्थानीय संस्कृति और खान-पान, कला और स्थापत्य कला का केंद्र-बिंदु भी बनके उभरा है। मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल देश–विदेश से आये पर्यटकों के दिल में अपनी खास जगह बनाते हैं। यहां स्थित कई ऐतिहासिक स्मारक, मंदिर, मस्जिद, किले और महल आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जहां विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ी श्रृंखलाएं अपने हरे–भरे रंगों से सराबोर करती है वहीं, यहां के घने जंगल, लहराती नदियां, झीलें के साथ मध्यप्रदेश का सभी को अपनी तरफ सम्मोहित करने वाला नजारा दिखता है। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, शिवपुरी, पन्ना और कूनो सहित कई अन्य राष्ट्रीय उद्यान लोगों को वन्य जीवन को देखने का रोमांचक अवसर प्रदान करते हैं। गुफाओं से लेकर वास्तुकला से सजे किलों, महलों, मंदिरों, पायदानों और अन्य असंख्य स्मारकों के साथ इतिहास ने कई छाप छोड़े हैं। यह वास्तव में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों पर्यटकों के लिए वन स्टॉप डेस्टिनेशन है। 

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महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन - फोटो : अमर उजाला
धार्मिक पर्यटन का अदभुत केन्द्र है मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश दो ज्योतिर्लिंगों यानी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर और खंडवा में ओंकारेश्वर मंदिर से धार्मिक सभाओं का केंद्र बन गया है।  महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर किसी के परिचय के मोहताज नहीं हैं। महाकवि कालिदास ने अपनी श्रेष्ठ रचना 'मेघदूत' में उज्जैन का बहुत ही सुंदर वर्णन किया है। जहां देश–विदेश से श्रद्धालु हजारों की संख्या में दर्शन करने आते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में शिवराज सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट महाकाल कॉरिडोर बनकर तैयार है। इस कॉरिडोर के बनने पर महाकाल मंदिर पहले से अधिक भव्य स्वरूप में आ गया है।  इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने के बाद यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचेंगे, जिससे यहां का पर्यटन भी बढ़ेगा।
 
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मांडू के महल। - फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों के  लिए लुभावना गंतव्य है मध्यप्रदेश
पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्र विशेष की संस्कृति, धरोहर, परंपराओं, रीति-रिवाजों और खान-पान से भी पर्यटकों को अवगत कराया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने न केवल अपने प्राचीन सुंदर रूप को सालों पहले सा बनाए रखा है, बल्कि इस समय के यात्रियों के लिए भी यह एक लुभावना गंतव्य है। पहाड़, जंगल, नदियां, समृद्ध विरासत, रोमांचक वन्य-जीवन और सांस्कृतिक विविधता से सजी मध्यप्रदेश की प्राकृतिक रचना, इसे वैभवशाली भूमि बनाती है। इस गौरवशाली और अद्भुत धरोहर और संस्कृति को सहेजने और पर्यटकों के लिए सुलभ बनाने के लिए पर्यटन विभाग सतत प्रयासरत है।

3,08,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के साथ मध्यप्रदेश, राजस्थान के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। इस क्षेत्र में जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, रायसेन, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिले आते हैं।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के हर जिले को पर्यटक स्थल में बदलने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए विकास योजनाओं के माध्यम से नवीन पर्यटन स्थलों में आवश्यक अधो-संरचना निर्माण के लिए तेजी से कार्य  किये जा रहे हैं । 
 
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सांची के स्तूप - फोटो : सोशल मीडिया
तीन यूनेस्को विश्व धरोहर से मिली नई पहचान 
वर्तमान में मध्यप्रदेश की तीन धरोहर यूनेस्को की विश्व धरोहरों में शामिल किया गया है, जिनमें खजुराहो मंदिर, सांची का स्तूप और भीमबेटका की गुफाएं शामिल हैं। ये धरोहर इतिहास के साथ–साथ धार्मिक कहानियों को भी अपने अंदर समेटे हुए हैं।

एडवेंचर टूरिज्म का हॉटस्पॉट बना एमपी 
मध्यप्रदेश एडवेंचर टूरिज्म का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और मनभावन वातावरण अनायास ही ट्रेकिंग, सफारी और कैंपिंग के शौकीनों को आकर्षित करता है। एडवेंचर टूरिज्म की इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन विभाग ने प्रदेशभर में 30 से ज्यादा कैंपिंग साइट विकसित किए गए हैं। पर्यटकों के हॉलिडे को 'एक्टिव हॉलिडे' में परिवर्तित करते हुए टूर-डे सतपुड़ा, हेरिटेज रन, पचमढ़ी मॉनसून मैराथन जैसे कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की गई है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में बैलून सफारी, टाइग्रेस ऑन ट्रेल और भोपाल में प्रदेश के पहले ड्राइव इन सिनेमा की स्थापना आदि प्रमुख नवाचार रहे हैं। वर्तमान में भी मध्यप्रदेश को '365 डेज का टूरिस्ट डेस्टिनेशन' बनाने का संकल्प लेकर सतत प्रयास किये जा रहे हैं। वार्षिक आयोजनों की श्रृंखला में 5 जल महोत्सवों और ओरछा महोत्सव का आयोजन किया गया है। 
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मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर - फोटो : सोशल मीडिया
मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट' मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश को इस बार 68वें नेशनल फिल्म अवार्ड में ''मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट'' का अवार्ड दिया गया है जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। पिछले कुछ सालों में फिल्मों की शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश फिल्म निर्माताओं की सबसे पसंदीदा जगह बनकर उभरा है। मोस्ट फिल्म फ्रेंडली होना पर्यटन के लिहाज से भी बेहद सुखद संकेत है। मध्यप्रदेश लगातार शूटिंग के लिहाज से अनुकूल इसलिए भी होता जा रहा है क्योंकि यहां प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं, साथ ही सरकार की तरफ से फिल्मों की शूटिंग के लिए सब्सिडी मिल रही है। 

ईको पर्यटन को बढ़ावा 
मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा ईको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी इकाइयों को 24 स्थलों को 10 साल तक के लिए सौंपा गया है। प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन और धार्मिक महत्व के स्थलों पर आवागमन में वृद्धि होगी। इसके अतरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रदेश के छोटे शहरों को हवाई यात्रा से जोड़ने के कार्य को गति दी है। महत्वपूर्ण स्थानों को हवाई सेवाओं तथा हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने पर विचार कर रहे है। हाल ही में मई 2022 में विश्व प्रसिद्ध पर्यटक मार्गदर्शी संस्था “ट्रिप एडवाइजर यू.एस. ( यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका) के ट्रेवलर्स चॉइस अवॉर्ड –2022 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की 16 इकाइयों को ट्रिप एडवाइजर एनुअल अवार्ड से नवाजा गया है।
 
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खजुराहो - फोटो : अमर उजाला
वैलनेस एंड माइंडफुल टूरिज्म 
मध्यप्रदेश को 'वैलनेस एंड माइंडफुल टूरिज्म' के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास जारी है। इसमें पर्यटकों को पर्यटन के साथ योग, ध्यान और नेचुरोपैथी आदि से जोड़ा जाएगा। साथ ही 'आस-पास टूरिज्म' की अवधारणा पर पड़ोसी राज्य के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए छोटी अवधि के टूर प्लान बनाए गए हैं। इससे पर्यटक अपने वीकेंड का प्लान मध्यप्रदेश में कर सकेंगे। 

मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार और विकास की असीम संभावनाएं हैं, जिनको तराशने का काम शिवराज सरकार कर रही है। राज्य की सरकार ने प्रदेश के नैसर्गिक और लुभावने स्थलों को पर्यटन के लिए न केवल विकसित किया है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। मध्यप्रदेश में अब पर्यटन सिर्फ मनोरंजन नहीं रहा बल्कि रोजगार, स्थानीय संस्कृति और खान-पान, कला और स्थापत्य कला का केंद्र-बिंदु भी बनकर उभरा है। प्रदेश की पर्यटन नीति निवेशकों के लिए अवसरों के द्वारा खोलती है। मध्यप्रदेश की पर्यटन नीति की तारीफ दुनियाभर में हुई। 2021 में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ग्रामीण पर्यटन परियोजना को वर्ल्ड ट्रैवल मार्ट के वर्ल्ड रिस्पांसिबल टूरिज्म अवार्ड-2021 में ‘‘सर्वश्रेष्ठ परियोजना’’ का पुरस्कार मिला है। ‘‘इंटरनेशनल रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म सेंटर’’ ने प्रदेश के पर्यटन बोर्ड को ‘‘सर्वश्रेष्ठ पोस्ट कोविड पर्यटन गंतव्य विकास’’ श्रेणी में पुरस्कार दिया है। मध्यप्रदेश ग्रामीण पर्यटन को भी इसी श्रेणी में अंचल स्तर पर ‘स्वर्ण पुरस्कार’ मिला है। 

 
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