मानसून के पहले नगर निगम द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे कि इस बार किसी भी कॉलोनी में जलजमाव की स्थिति निर्मित नहीं होगी और शहर के मुख्य सड़कों पर भी कहीं पानी नजर नहीं आएगा, निगम ने सभी नालों की सफाई कराने की बात भी कही थी, लेकिन निगम के इन दावों की पोल शहर में दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण ही खुल गई। बारिश में पूरा शहर जलमग्न हो गया है। हर सड़क पर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। सड़कों पर पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी जिसके कारण शहरवासी मुख्य सड़क पर आधे से एक फिट पानी के बीच से निकलते रहे। इस दौरान जिनकी गाड़ी बंद हो गई। वे नगर निगम और प्रशासन को कोसते हुए भी दिखाई दिए। लोगों का कहना था कि सीवरेज का पानी घरों में घुसने लगा है। निचली बस्तियों की हालत और खराब बनी हुई है।
नगर निगम का कंट्रोल रूम बना निष्क्रिय
इस दौरान नगर निगम का कंट्रोल रूम निष्क्रिय बना हुआ था, वहीं स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम पर लगातार शिकायतों को संबंधित अफसरों तक पहुंचाया जा रहा था। दो दिनों में 328 शिकायतें एकत्र हो गई हैं। इनका निराकरण नहीं होने की वजह से इन्हें लेवल टू के अधिकारियों को अवगत कराया गया। क्योंकि यह शिकायतें अफसरों द्वारा निराकरण का फोटो खींचकर भेजने और कमेंट लिखने के बाद बंद की जाती है।
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निगम के दावों की खुली पोल
- फोटो : अमर उजाला
इन क्षेत्रों में लगा शिकायतों का अंबार
जोन एक के इंदिरा नगर, आगर रोड पर पानी ओवर फ्लो की शिकायत की गई। जोन तीन ढ़ांचा भवन में कचरे के ढेर लगे होने की शिकायत की गई है। जोन पांच हीरा मिल क्षेत्र में सीवरेज के ओवर फ्लो से पानी घरों में घुसने की शिकायत की गई है। जोन छह अन्नपूर्णा नगर में पानी का ओवर फ्लो, कचरा खुले में जलाने की शिकायतें की गई हैं।
व्यापारियों की दुकान में घुसा पानी
बारिश के चलते उज्जैन कृषि उपज मंडी में जैन मंदिर के सामने व्यापारियों के गोदाम में पानी भर गया था। इससे नाराज व्यापारियों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और सचिव को अव्यवस्था के लिए मौके पर बुलाने की मांग की। परन्तु अवकाश होने के चलते वे अपने गृहनगर भोपाल चले गए थे। इस वजह उनके स्थान पर मंडी इंस्पेक्टर महेंद्र जैन ने व्यापारियों का ज्ञापन लिया। अनाज तिलहन संघ के सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि जब तक मंडी में समस्या का निराकरण नहीं होगा, तब तक सोमवार से मंडी बंद रखी जाएगी।
शहर कांग्रेस करेगी आंदोलन: भदौरिया
शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रवि भदोरिया ने कहा कि बरसात होने पर पूरे शहर की सडक़ों पर पानी भरा हुआ है। टाटा की सीवरेज लाइन प्लान पूरा फेल हो चुका है। महाकाल वाणिज्य हो ऋषि नगर हो नानाखेड़ा हो या फिर आज दशहरा मैदान, महानंदा नगर या फिर शहर की कोई भी कॉलोनी ऐसी नहीं बची, जहां पानी ना भरा हुआ हो। सारे गंदे नालों का पानी शहर की कॉलोनियों में घुस रहा है। नगर निगम प्रशासन, पीएचई विभाग, स्मार्ट सिटी या टाटा कंपनी के लोग कहां है किसी का ध्यान इस और क्यों नहीं है। करोड़ों रुपये का प्रोजेक्ट टाटा सीवरेज लाइन के नाम पर शहर में सिर्फ दिखावा किया गया और सारा पैसा भ्रष्टाचार के नाम पर चढ़ गया। कई जगह तो सडक़ों पर डामरीकरण किया गया था वह भी उखड़ गया है। अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी शीघ्र ही एक बड़ा आंदोलन करने की तैयारी करेगी। जिसकी समस्त जवाबदारी प्रशासन की होगी।
24 घंटे में चार इंच के लगभग बरसे बादल
पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से उज्जैन शहर जलमय हो रहा है। नगर निगम द्वारा नालियों की सफाई करने का खामियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं। निचले इलाकों के घरों में बारिश का पानी भर गया है। पिछले 24 घंटे में चार इंच के लगभग बारिश दर्ज की गई है। जीवाजीराव वेधशाला अधीक्षक गुप्त के अनुसार शनिवार की सुबह 64.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं शाम 5.30 बजे तक दर्ज आंकड़े के अनुसार 29.4 मिमी बारिश हो चुकी। इस तरह से 24 घंटे में 93.8 मिमी याने के चार इंच के लगभग बारिश हुई। इसके बाद भी बारिश का क्रम जारी रहा। इस दौरान शनिवार को दिन का पारा 33.4 डिग्री से गिरकर 32.2 पर पहुंच गया। वहीं रात का पारा 23.5 डिग्री से गिरकर 23 पर आ गया।
आज भी हो सकती है तेज बारिश - वेधशाला अधीक्षक
जीवाजीराव वेधशाला अधीक्षक राजेन्द्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि बंगाल की खाड़ी, नॉर्थ आंध्र प्रदेश, साउथ ओडिशा पोस्ट पर सिस्टम एक्टिव हैं। इनका असर मध्यप्रदेश में भी है। इसका असर मध्यप्रदेश में भी है। साउथ छत्तीसगढ़ में साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। एक मानसून ट्रफ लाइन कोटा, रायसेन, सिवनी, रायपुर, ओडिशा होते हुए गुजर रही है। पूर्वी-पश्चिमी हवाएं भी आपस में मिल रही हैं। इस कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश से लगे इलाकों में इसका असर है। गुप्त ने आगामी 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 4 इंच के लगभग बारिश होने की संभावना है।
यह बोले जिम्मेदार
इस मामले को लेकर जब अमर उजाला ने शहर के प्रथम नागरिक महापौर मुकेश टटवाल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मानसून को लेकर नगर निगम ने कहीं तैयारियां की थी। नालों की सफाई के साथ ही उन स्थानों पर भी कार्य किए गए थे, जहां पर जल जमाव की स्थिति बनती है। शहरवासियों को हुई असुविधा के लिए मैं माफी चाहता हूं लेकिन शहरवासी भी जानते हैं कि पिछले दो दिनों से शहर में इतनी तेज बारिश हो रही थी, जिसे सामान्य बारिश नहीं कहा जा सकता। फिर भी नगर निगम की पूरी टीम बारिश के कारण आई समस्याओं का निदान करने में लगी हुई है।