महाकाल को लगाया हर्बल गुलाल
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भगवान महाकालेश्वर की ऊर्जा के आगे सब कुछ क्षीण
पं. महेश पुजारी ने कहा कि ग्रहण के दिन मंदिर की सारी व्यवस्थाएं हर दिन की तरह तो रहेंगी लेकिन ग्रहण के चलते कोई भी यानी पुजारी हो या श्रद्धालु भगवान को स्पर्श नहीं करेगा। इस दौरान गर्भ गृह में पुजारी मंत्रोच्चार करते हैं। जब ग्रहण खत्म हो जाता है तो पुजारी स्नान करने के बाद भगवान का जलाभिषेक करेंगे, मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का जलाभिषेक होगा।