बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने वाले हाथी ‘श्यामू’ के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर विवाद और गहरा गया है। पन्ना टाइगर रिजर्व, इंदौर और उज्जैन की संयुक्त विशेषज्ञ टीम शुक्रवार को श्यामू का ब्लड सैंपल लेने पहुंची, लेकिन हाथी के मालिक और परिजनों के विरोध के चलते टीम को बिना सैंपल लिए ही लौटना पड़ा। अब वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी के मल और मूत्र के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं।
पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि विशेषज्ञ टीम का उद्देश्य श्यामू का ब्लड सैंपल लेकर स्वास्थ्य की विस्तृत जांच करना था, लेकिन विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका। फिलहाल मल और मूत्र के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही हाथी की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि श्यामू के पैरों में जन्मजात समस्या है, जिसे बीमारी नहीं कहा जा सकता, लेकिन मौजूदा स्थिति में उससे सवारी का कार्य लेना जोखिम भरा हो सकता है।