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Ujjain: बाबा की सवारी का हाथी श्यामू सच में बीमार या कोई साजिश? ब्लड सैंपल पर बवाल, अब मल-मूत्र से होगी जांच

Thu, 11 Jun 2026 11:44 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने वाले हाथी श्यामू को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंची विशेषज्ञ टीम को विरोध के चलते बिना ब्लड सैंपल लिए लौटना पड़ा, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।
 
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शाही सवारी में शामिल होने वाले श्यामू को लेकर नया विवाद - फोटो : अमर उजाला
बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने वाले हाथी ‘श्यामू’ के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर विवाद और गहरा गया है। पन्ना टाइगर रिजर्व, इंदौर और उज्जैन की संयुक्त विशेषज्ञ टीम शुक्रवार को श्यामू का ब्लड सैंपल लेने पहुंची, लेकिन हाथी के मालिक और परिजनों के विरोध के चलते टीम को बिना सैंपल लिए ही लौटना पड़ा। अब वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी के मल और मूत्र के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं।



पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि विशेषज्ञ टीम का उद्देश्य श्यामू का ब्लड सैंपल लेकर स्वास्थ्य की विस्तृत जांच करना था, लेकिन विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका। फिलहाल मल और मूत्र के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही हाथी की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि श्यामू के पैरों में जन्मजात समस्या है, जिसे बीमारी नहीं कहा जा सकता, लेकिन मौजूदा स्थिति में उससे सवारी का कार्य लेना जोखिम भरा हो सकता है।
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स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंची विशेषज्ञ टीम - फोटो : अमर उजाला
वहीं हाथी के महावत शरमन गिरी का कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग साजिश के तहत उसे बीमार साबित कर उज्जैन से बाहर भेजना चाहते हैं। शरमन गिरी ने कहा कि श्यामू पिछले नौ वर्षों से बाबा महाकाल की शाही सवारी का अभिन्न हिस्सा है और उसे इससे अलग नहीं किया जाना चाहिए।

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महाकाल की शाही सवारी का प्रमुख आकर्षण है श्यामू - फोटो : अमर उजाला
कौन है श्यामू?
श्यामू महाकाल की सवारी का प्रमुख आकर्षण माना जाता है। वर्ष 1997 में असम के गोलाघाट में जन्मे इस हाथी को संत शरमन गिरी वर्ष 2000 में उज्जैन लेकर आए थे। वर्ष 2016 में हाथी राजू के बाद से श्यामू ही महाकाल की सवारी में मनमहेश की प्रतिमा को लेकर नगर भ्रमण कराता आ रहा है।

वनतारा प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा
विवाद के बीच यह चर्चा भी तेज है कि अनंत अंबानी के वनतारा प्रोजेक्ट की नजर श्यामू पर है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस तरह की खबरें सामने आने के बाद कई श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। महावत का कहना है कि श्यामू केवल एक हाथी नहीं, बल्कि महाकाल की परंपरा और आस्था का प्रतीक है।
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बीमार है श्यामू - फोटो : अमर उजाला
2023 में भी आया था विवाद
वर्ष 2023 में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से महावत द्वारा हाथी को नियंत्रित करने के लिए कील लगी लकड़ी का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद पशु अधिकार संगठन ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ ने मामले की शिकायत प्रशासन और राज्य सरकार से की थी।

श्यामू से जुड़ी खास बातें
  • श्यामू की उम्र करीब 24 वर्ष है।
  • पिछले नौ वर्षों से महाकाल मंदिर की नियमित सेवा में शामिल है।
  • लाखों श्रद्धालुओं, बैंड-बाजों और शोरगुल के बीच भी शांत रहता है।
  • आज तक किसी श्रद्धालु पर हमला करने की घटना सामने नहीं आई।
  • केला इसका पसंदीदा फल है और प्रतिदिन लगभग 50 किलो केले खाता है।
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