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MP Weather: मालवा के कई इलाकों में आंधी, इंदौर में 150 से ज्यादा पेड़ गिरे, देवास-उज्जैन समेत कई शहर प्रभावित

Mon, 01 Jun 2026 04:49 PM IST
Dinesh Sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में सोमवार दोपहर को अचानक मौसम में बदलाव हुआ। तेज आंधी से जन जीवन प्रभावित हो गया। हवा की गति का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि इंदौर में 150 से ज्यादा पेड़ धराशायी हो गए। धूल के गुबार उठते रहे। देवास-उज्जैन समेत आसपास के शहरों में भी आंधी का असर देखा गया। 
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मालवा अंचल में सोमवार दोपहर मौसम बदल गया। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। कई इलाकों में तेज आंधी चली। इंदौर में कई पेड़ धराशायी हो गए तो देवास में भी धूल भरी हवा से लोग बेहाल हो गए। उज्जैन में भी मौसम बदल गया है। वहां भी आंधी का असर देखा गया। 
 
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आंधी से इंदौर में ज्यादा नुकसान हुआ है। - फोटो : अमर उजाला
इंदौर में ज्यादा नुकसान
इंदौर में आंधी का असर ज्यादा देखा गया। डेढ़ सौ से ज्यादा पेड़ गिरे। इसके अलावा कई टीन शेड भी उड़ गए। दस मिनट तक लोग जहां थे, वहीं खड़े रहे। न्याय नगर में ट्रैफिक सिग्नल भी गिरा। शहर में कई जगह धूल का गुबार भी उठता रहा। गौरी नगर में तीन पेड़ गिरे साथ ही बिजली खंभा गिरा, परदेशीपुरा के रेडीमेड कॉम्प्लेक्स के पास पेड़ गिरा, राजवाड़ा अहिल्या प्रतिमा के पास भी 2 पेड़ गिरे, हवाओं का दौर थमने के बाद ट्रैफिक भी बिगड़ गया। 



बिजली के खंभे गिरने से शहर में ब्लैकआउट
इंदौर में आज दोपहर 3 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। महज कुछ ही मिनटों में आई इस आंधी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तेज हवाओं के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और घरों के शेड उखड़ने की खबरें आ रही हैं।

लगभग 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर को अस्त व्यस्त कर दिया। शहर के 25 से अधिक इलाकों में 3 बजे बाद से बिजली पूरी तरह गुल है। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से कई जगह लंबा जाम लग गया है। कई घरों और दुकानों के टीन शेड हवा में उड़ गए; कुछ वाहनों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गए।


 
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बदला मौसम - फोटो : अमर उजाला

बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप, अंधकार में डूबा शहर
आंधी की शुरुआत होते ही सुरक्षा के लिहाज से और कई जगहों पर लाइनें टूटने के कारण बिजली गुल हो गई। रिंग रोड, विजयनगर, पलासिया, भंवरकुआं, राजेंद्र नगर और छतरीपुरा के कई प्रमुख इलाकों में पिछले एक घंटे से अधिक समय से ब्लैकआउट है।

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी राजेश शर्मा के अनुसार तेज आंधी के कारण कई फीडर ट्रिप हो गए हैं और कुछ मुख्य लाइनों पर पेड़ की शाखाएं गिर गई हैं। हमारी टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन बारिश रुकने और मलबा हटने के बाद ही सुधार कार्य तेजी से किया जा सकेगा। रिंग रोड के क्षेत्र में सबसे अधिक पेड़ों के गिरने की घटनाएं हुई।

सड़कों पर गिरे पेड़, रेंग रहा है ट्रैफिक
तेज आंधी का सबसे बुरा असर शहर के यातायात पर पड़ा है। एबी रोड, रिंग रोड और एमजी रोड के कुछ हिस्सों में विशालकाय पेड़ और होर्डिंग्स उखड़कर बीच सड़क पर आ गिरे। इसके कारण दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण गाड़ियां रेंगती नजर आ रही हैं।

उड़े घरों के शेड, वाहनों को भी नुकसान
कच्चे मकानों और कई बहुमंजिला इमारतों की छतों पर लगे टीन शेड और फाइबर शीट हवा के तेज झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उड़ गए। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन सड़कों के किनारे खड़ी कई कारों और दोपहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। मुसाखेड़ी, भूरी टेकरी और शहर की अन्य निचली बस्तियों में आंधी से अधिक परेशानी हुई।

प्रशासन और नगर निगम अलर्ट पर
स्थिति को देखते हुए इंदौर नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें एक्टिव हो गई हैं। क्रेन और कटर मशीनों की मदद से सड़कों से पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर में आ रही परेशानियों की जल्द मॉनिटरिंग करके व्यवस्थाओं को सुचारु किया जाए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सूचना दें।

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देवास में तेज हवाओं से रोप वे भी प्रभावित हुआ। - फोटो : अमर उजाला
देवास में आंधी के साथ बारिश
शहर में सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ चल रही हवाओं ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने के लिए मजबूर कर दिया। करीब 15 से 20 मिनट तक तेज हवाओं का दौर लगातार जारी रहा, वहीं तेज बारिश शुरू हुई
मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज हवा के चलते कई स्थानों पर धूल उड़ने से दृश्यता भी प्रभावित हुई। कई वाहन चालक तेज हवा के चलते अपने वाहनों को भी बचते हुए नजर आए। कई जगह पर दुकानों के चद्दर भी उड़े।

 
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उज्जैन में भी तेज हवाएं चलती रहीं। - फोटो : अमर उजाला

उज्जैन : पहले आंधी का कहर, फिर झमाझम बारिश से भीगी सड़कें
जून की तपती दोपहर ने आज उज्जैन को दो अलग रंग दिखाए। सुबह 10 बजे तक पारा 42 डिग्री के पार था और सड़कें तप रही थीं। दोपहर 2:30 बजे अचानक आसमान में काले बादल घिरे, हवाओं ने रफ्तार पकड़ी और देखते ही देखते पूरा शहर धूल के गुबार में लिपट गया। करीब 40 मिनट तक चली तेज आंधी के बाद जब झमाझम बारिश शुरू हुई तो लोगों के चेहरे खिल उठे। गर्मी से बेहाल शहरवासी राहत की बूंदों में भीगकर झूम उठे।

दोपहर करीब 2:45 बजे अचानक 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। फ्रीगंज, देवास रोड, नानाखेड़ा और महाकाल क्षेत्र में तो स्थिति ऐसी थी कि 10 मीटर दूर का भी दिखाई देना बंद हो गया। सड़कों पर उड़ती धूल से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई जगह लोग अपनी बाइक रोककर डिवाइडर के किनारे, दुकानों के शेड या पेड़ के नीचे खड़े हो गए। महाकाल मंदिर के पास फूल-प्रसाद बेचने वाले राजू मालवीय बताते हैं की एकदम से अंधेरा छा गया। दुकान का तिरपाल उड़ने लगा तो सामान समेटकर भागना पड़ा। 15 मिनट में ही पूरा सामान धूल से सन गया।

बिजली गुल, फिर बारिश से मिली राहत
आंधी के साथ ही शहर के आधे हिस्से की बिजली गुल हो गई। चिमनगंज, अलखधाम नगर, ऋषि नगर और जीवाजीगंज में ब्लैकआउट रहा। बिजली कंपनी के जेई आरके शर्मा ने बताया तेज हवा से कई जगह तार आपस में टकरा गए और फॉल्ट आ गया। 11 केवी की दो लाइन ट्रिप हो गई थीं। टीम तुरंत मौके पर पहुंची और 4 बजे तक ज्यादातर जगह सप्लाई बहाल कर दी गई।करीब 3:20 बजे आंधी थमी और बूंदाबांदी शुरू हुई। 10 मिनट बाद ही बारिश ने जोर पकड़ा। फ्रीगंज टॉवर चौक, देवासगेट, कंठाल और दौलतगंज में तो मूसलाधार पानी गिरा। करीब 45 मिनट की इस झमाझम बारिश ने तापमान 8 डिग्री तक गिरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 3 बजे तक शहर का तापमान 34 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सुबह के मुकाबले काफी कम था।

बच्चे-बूढ़े सब सड़कों पर, छतों पर दिखा उत्साह
बारिश शुरू होते ही कॉलोनियों में माहौल बदल गया। ऋषि नगर, विद्या पैलेस कॉलोनी, अलखधाम नगर में बच्चे घरों से निकलकर सड़कों पर नहाने लगे। छतों पर खड़े होकर लोग बारिश का आनंद लेते दिखे। महाकाल क्षेत्र में दर्शन करने आए श्रद्धालु भी रिमझिम फुहारों में भीगते हुए नजर आए। ट्यूशन से लौट रही छात्रा तन्वी बोली, स्कूल से निकलते ही धूल उड़ रही थी, आंखें नहीं खुल रही थीं। लेकिन बस में बैठते ही बारिश शुरू हो गई। घर पहुंचकर छत पर जाकर खूब भीगे। मजा आ गया। ऑटो चालक संजय कुशवाह ने कहा, पिछले 10 दिन से दोपहर में सवारी ही नहीं बैठ रही थी। गर्मी के मारे ऑटो में पंखा लगाना पड़ा था। आज की बारिश ने जान में जान डाल दी। अब शाम को काम अच्छा चलेगा।

किसानों के चेहरे पर भी लौटी रौनक
शहर से सटे ग्रामीण इलाकों नलवा, पंथपिपलई, चंदेसरा में भी अच्छी बारिश हुई। तेज हवा के कारण कुछ जगह खेतों में खड़ी मक्का की फसल आड़ी हो गई, लेकिन बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। किसान बद्रीलाल पटेल ने बताया, सोयाबीन की बुवाई की तैयारी चल रही थी। जमीन तप रही थी। इस बारिश से खेत में नमी आ जाएगी। दो-चार दिन में और पानी गिर जाए तो बुवाई शुरू कर देंगे।

नए-पुराने शहर में एक जैसा नजारा
खास बात ये रही कि बारिश पुराने शहर यानी दौलतगंज, तोपखाना, कंठाल, केडी गेट के साथ-साथ नए शहर फ्रीगंज, नानाखेड़ा, इंदौर रोड पर भी एक जैसी हुई। आमतौर पर ऐसा होता है कि एक हिस्से में पानी गिरता है और दूसरा सूखा रह जाता है। लेकिन आज बादल पूरे शहर पर मेहरबान दिखे।

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मंदसौर में भी आंधी के साथ बारिश - फोटो : अमर उजाला

मंदसौर में अचानक बरसी आफत
मंदसौर जिले में सोमवार को मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया कि लोग हैरत में पड़ गए। सुबह से जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हो गया। देखते ही देखते जिले के कई इलाकों में धूलभरी आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, तो वहीं कुछ स्थानों पर भारी ओलावृष्टि (बर्फबारी) भी दर्ज की गई। मौसम के इस बदले मिजाज से जहाँ आम लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है, वहीं अन्नदाता पर कुदरत की बड़ी मार पड़ी है। अचानक आए इस मौसम परिवर्तन के कारण शामगढ़ की कृषि उपज मंडी में भारी नुकसान की खबर है। सोमवार होने के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे थे। मंडी प्रांगण में शेड के बाहर खुले आसमान के नीचे सैकड़ों क्विंटल फसल रखी हुई थी।

तभी अचानक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। किसानों को अपनी उपज ढंकने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते मंडी परिसर में पानी भर गया, जिससे खुले में रखी गेहूं, लहसुन और अन्य जिंसें पानी में तैरती नजर आईं। अचानक हुई इस बारिश से कई किसानों की महीनों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो गई। 

भीषण गर्मी के बीच गिरे ओले
जिले के कुछ ग्रामीण इलाकों से ओलावृष्टि की भी सूचना है। तपन वाले इस मौसम में अचानक गिरे ओलों को देखकर लोग हैरान रह गए। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर बने चक्रवातीय तंत्र और नमी के कारण मौसम में यह अचानक बदलाव देखा गया है।

किसानों ने लगाई मुआवजे की गुहार
शामगढ़ मंडी में जिन किसानों की फसलें भीगी हैं, उन्होंने प्रशासन से तुरंत सर्वे कराने और उचित मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि वे कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत कर फसल को मंडी तक लाए थे, लेकिन कुदरत के इस क्रूर मजाक ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। फिलहाल, प्रशासन की ओर से नुकसान के आकलन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

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सीहोर में तेज हवाओं संग झमाझम बारिश
सीहोर जिले में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। दोपहर तक तेज धूप और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम के इस बदले हुए मिजाज ने लोगों को राहत की सांस लेने का अवसर दिया।



सोमवार सुबह से ही सीहोर और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूप का असर बना हुआ था। दोपहर तक उमस और गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में असहज महसूस कर रहे थे। बाजारों और सड़कों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा था। हालांकि दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादल छा गए। इसके साथ ही तेज हवाएं चलना शुरू हुईं और कुछ ही देर में बारिश का दौर शुरू हो गया।

बारिश से भीगी सड़कें, लोगों ने लिया मौसम का आनंद
तेज बारिश के कारण शहर की सड़कें पानी से तरबतर हो गईं। कई स्थानों पर लोगों ने बारिश का आनंद लिया और लंबे समय बाद मौसम में आई ठंडक का स्वागत किया। बच्चों और युवाओं में बारिश को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं दुकानदारों और राहगीरों को अचानक हुई बारिश के कारण कुछ देर के लिए आश्रय लेना पड़ा।

कई दिनों की तपिश से मिली राहत
पिछले कई दिनों से जिले में लगातार तेज गर्मी और उमस का असर बना हुआ था। दिन के समय तापमान बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। सोमवार को हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को राहत मिली और शाम तक वातावरण में ताजगी बनी रही। मौसम में आई इस नरमी का असर लोगों के चेहरों पर भी साफ दिखाई दिया।

प्री-मानसून गतिविधियों का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून के शुरुआती दिनों में इस प्रकार की बारिश और गरज-चमक प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा होती है। दिनभर की तेज गर्मी के कारण जमीन अत्यधिक गर्म हो जाती है, जिससे गर्म हवा तेजी से ऊपर उठती है। वातावरण में मौजूद नमी के साथ यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर घने बादलों का निर्माण करती है, जो बाद में तेज हवाओं और बारिश का कारण बनते हैं।

अरब सागर से आई नमी बनी वजह
आरएके कॉलेज में मौसम विशेषज्ञ एसएस तोमर का कहना है कि अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाओं में इस समय पर्याप्त नमी मौजूद है। जब यह नमी स्थानीय गर्म वातावरण के संपर्क में आती है तो मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलता है। सोमवार को हुई बारिश भी इसी मौसमीय प्रक्रिया का परिणाम मानी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

मानसून आगमन के मिले संकेत
आरएके कॉलेज के मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। यदि इसकी वर्तमान रफ्तार बनी रहती है तो 15 से 20 जून के बीच मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

किसानों के लिए भी राहत भरी खबर

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार सीहोर जिले में 20 से 22 जून के बीच मानसून सक्रिय हो सकता है। तब तक रुक-रुक कर होने वाली प्री-मानसून बारिश खेतों में नमी बढ़ाने का काम करेगी। इससे खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों को लाभ मिलेगा। फिलहाल सोमवार की बारिश ने न केवल मौसम को सुहावना बनाया है बल्कि लोगों को भीषण गर्मी से राहत देकर मानसून के आगमन की उम्मीदों को भी मजबूत कर दिया है।

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शाजापुर जिले में आंधी से टॉवर टुटकर मुड़ गया। - फोटो : अमर उजाला
शाजापुर में मोबाइल टावर टूटकर हुआ टेढ़ा, रास्तों पर गिरे पेड़
जिला मुख्यालय सहित शुजालपुर, कालापीपल व कई हिस्सों में सोमवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदला। तेज हवाओं ने पहले धूल का गुबार उड़ाया।सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद अचानक बरसात शुरू हो गई। कई स्थानों पर चने से बड़े ओले गिरने से लोग हैरान रह गए।

शुजालपुर में करीब 20 मिनट तक हुई तेज वर्षा ने शहर की व्यवस्था की परीक्षा भी ले ली। कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। सड़कें छोटे तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। कुछ स्थानों पर जल निकासी की धीमी व्यवस्था भी सामने आई। शाम होते-होते ठंडी हवाओं ने वातावरण को पूरी तरह बदल दिया। शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। अचानक चली तेज हवा के कारण कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जिससे कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। खुले मैदानों और आयोजनों में लगाए गए टेंट हवा के दबाव को नहीं झेल सके और उखड़कर दूर जा गिरे। कई स्थानों पर अस्थायी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं का असर दूरसंचार सेवाओं पर भी देखने को मिला। सिरोलिया गांव में मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली, जिससे लोगों को संचार संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बिजली आपूर्ति भी कुछ स्थानों पर बाधित रही। किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं मिली, लेकिन तेज आंधी ने मौसम के बदले मिजाज की गंभीरता जरूर दिखा दी। जहां वर्षा ने किसानों को राहत दी, वहीं फल उत्पादकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के कई क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि के कारण संतरा और आम बागानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कुछ स्थानों पर कोमल शाखाओं और नई बढ़वार को भी क्षति पहुंची है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय फल विकास की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मौसम का प्रतिकूल असर उत्पादन पर प्रभाव डाल सकता है।

लोग पार्कों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग मौसम का आनंद लेते नजर आए। खेती-किसानी के लिहाज से यह वर्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को खेतों में नमी मिलने से राहत मिली है। सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों की बुवाई की तैयारी अब गति पकड़ सकती है। वहीं संतरा उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। तेज हवा और ओलों के कारण बागानों में छोटे फलों के झड़ने तथा शाखाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिला है। अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। 
 
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