उज्जैन में भी तेज हवाएं चलती रहीं।
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उज्जैन : पहले आंधी का कहर, फिर झमाझम बारिश से भीगी सड़कें
जून की तपती दोपहर ने आज उज्जैन को दो अलग रंग दिखाए। सुबह 10 बजे तक पारा 42 डिग्री के पार था और सड़कें तप रही थीं। दोपहर 2:30 बजे अचानक आसमान में काले बादल घिरे, हवाओं ने रफ्तार पकड़ी और देखते ही देखते पूरा शहर धूल के गुबार में लिपट गया। करीब 40 मिनट तक चली तेज आंधी के बाद जब झमाझम बारिश शुरू हुई तो लोगों के चेहरे खिल उठे। गर्मी से बेहाल शहरवासी राहत की बूंदों में भीगकर झूम उठे।
दोपहर करीब 2:45 बजे अचानक 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। फ्रीगंज, देवास रोड, नानाखेड़ा और महाकाल क्षेत्र में तो स्थिति ऐसी थी कि 10 मीटर दूर का भी दिखाई देना बंद हो गया। सड़कों पर उड़ती धूल से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई जगह लोग अपनी बाइक रोककर डिवाइडर के किनारे, दुकानों के शेड या पेड़ के नीचे खड़े हो गए। महाकाल मंदिर के पास फूल-प्रसाद बेचने वाले राजू मालवीय बताते हैं की एकदम से अंधेरा छा गया। दुकान का तिरपाल उड़ने लगा तो सामान समेटकर भागना पड़ा। 15 मिनट में ही पूरा सामान धूल से सन गया।
बिजली गुल, फिर बारिश से मिली राहत
आंधी के साथ ही शहर के आधे हिस्से की बिजली गुल हो गई। चिमनगंज, अलखधाम नगर, ऋषि नगर और जीवाजीगंज में ब्लैकआउट रहा। बिजली कंपनी के जेई आरके शर्मा ने बताया तेज हवा से कई जगह तार आपस में टकरा गए और फॉल्ट आ गया। 11 केवी की दो लाइन ट्रिप हो गई थीं। टीम तुरंत मौके पर पहुंची और 4 बजे तक ज्यादातर जगह सप्लाई बहाल कर दी गई।करीब 3:20 बजे आंधी थमी और बूंदाबांदी शुरू हुई। 10 मिनट बाद ही बारिश ने जोर पकड़ा। फ्रीगंज टॉवर चौक, देवासगेट, कंठाल और दौलतगंज में तो मूसलाधार पानी गिरा। करीब 45 मिनट की इस झमाझम बारिश ने तापमान 8 डिग्री तक गिरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 3 बजे तक शहर का तापमान 34 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सुबह के मुकाबले काफी कम था।
बच्चे-बूढ़े सब सड़कों पर, छतों पर दिखा उत्साह
बारिश शुरू होते ही कॉलोनियों में माहौल बदल गया। ऋषि नगर, विद्या पैलेस कॉलोनी, अलखधाम नगर में बच्चे घरों से निकलकर सड़कों पर नहाने लगे। छतों पर खड़े होकर लोग बारिश का आनंद लेते दिखे। महाकाल क्षेत्र में दर्शन करने आए श्रद्धालु भी रिमझिम फुहारों में भीगते हुए नजर आए। ट्यूशन से लौट रही छात्रा तन्वी बोली, स्कूल से निकलते ही धूल उड़ रही थी, आंखें नहीं खुल रही थीं। लेकिन बस में बैठते ही बारिश शुरू हो गई। घर पहुंचकर छत पर जाकर खूब भीगे। मजा आ गया। ऑटो चालक संजय कुशवाह ने कहा, पिछले 10 दिन से दोपहर में सवारी ही नहीं बैठ रही थी। गर्मी के मारे ऑटो में पंखा लगाना पड़ा था। आज की बारिश ने जान में जान डाल दी। अब शाम को काम अच्छा चलेगा।
किसानों के चेहरे पर भी लौटी रौनक
शहर से सटे ग्रामीण इलाकों नलवा, पंथपिपलई, चंदेसरा में भी अच्छी बारिश हुई। तेज हवा के कारण कुछ जगह खेतों में खड़ी मक्का की फसल आड़ी हो गई, लेकिन बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। किसान बद्रीलाल पटेल ने बताया, सोयाबीन की बुवाई की तैयारी चल रही थी। जमीन तप रही थी। इस बारिश से खेत में नमी आ जाएगी। दो-चार दिन में और पानी गिर जाए तो बुवाई शुरू कर देंगे।
नए-पुराने शहर में एक जैसा नजारा
खास बात ये रही कि बारिश पुराने शहर यानी दौलतगंज, तोपखाना, कंठाल, केडी गेट के साथ-साथ नए शहर फ्रीगंज, नानाखेड़ा, इंदौर रोड पर भी एक जैसी हुई। आमतौर पर ऐसा होता है कि एक हिस्से में पानी गिरता है और दूसरा सूखा रह जाता है। लेकिन आज बादल पूरे शहर पर मेहरबान दिखे।