श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण भाद्रपद माह में निकलने वाली नौवीं सवारी धूमधाम से निकली। सभा मंडप में पंडित घनश्याम पुजारी द्वारा करवाए गए विशेष पूजन अर्चन के बाद रजत पालकी में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर विराजित हुए और पालकी जय श्री महाकाल के उद्घोष के साथ नगर भ्रमण पर निकली। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के द्वारा भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाबा महाकाल की सवारी जैसे ही हरि के द्वार यानी गोपाल मंदिर पहुंची वहां पुष्पों से बाबा महाकाल का भव्य स्वागत किया गया जिसके बाद गोपाल मंदिर के पुजारी बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन करने पहुंचे। शाम को महाकाल की सवारी मंदिर पहुंची, जहां पूजन किया गया। अब अगली सवारी 11 सितंबर को रहेगी, जिसे शाही सवारी कहा जाता है। इस दिन लाखों भक्त महाकाल के दर्शन को उमड़ते हैं
बाबा महाकाल की सवारी आज जैसे ही रामघाट पर पहुंची वैसे ही पुजारी गणों द्वारा मां शिप्रा के जल से बाबा महाकाल के स्वरूप श्री चंद्रमौलेश्वर का पूजन अर्चन अभिषेक किया गया। जिसके बाद बाबा महाकाल की शिप्रा तट पर भव्य आरती की गई। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शिप्रा तट के दोनों और बाबा महाकाल की एक झलक पाने को आतुर नजर आए। श्रावण भादो मास में निकलने वाली बाबा महाकाल की 9वीं सवारी नगर भ्रमण के बाद निर्धारित समय पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची जहां सभागृह में पंडित आशीष पुजारी द्वारा बाबा महाकाल के श्री चंद्रमौलेश्वर एवं श्री मनमहेश स्वरूप का पुनः विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया गया और उसके बाद इस सवारी का समापन हुआ। प्रत्येक सवारी की तरह ही इस सवारी में भी लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन कर अपने आपको कृतार्थ किया।