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Ujjain News: सूर्य, चंद्र और त्रिपुंड लगाकर भस्म आरती में सजे बाबा महाकाल, हजारों भक्तों ने किए दर्शन

Thu, 29 May 2025 08:02 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को सूर्य, चंद्रमा और त्रिपुंड से श्रृंगारित कर गले में रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। इसके बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई और कपूर आरती कर भोग लगाया गया।
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करें बाबा महाकाल के दर्शन। - फोटो : अमर उजाला
उज्जैन विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, गुरुवार की सुबह 4 बजे संपन्न हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और "जय श्री महाकाल" के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।
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करें बाबा महाकाल के दर्शन। - फोटो : अमर उजाला
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया। इसके पश्चात प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरि ओम’ जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई।
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करें बाबा महाकाल के दर्शन। - फोटो : अमर उजाला
आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को सूर्य, चंद्रमा और त्रिपुंड से श्रृंगारित कर गले में रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। इसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़ा द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति में लीन होकर “जय श्री महाकाल” का उद्घोष किया।
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करें बाबा महाकाल के दर्शन। - फोटो : अमर उजाला
चांदी की चौरस दान किया
श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुजरात के अहमदाबाद से पधारे दशरथ भाई गोवर्धन दास पटेल ने पुजारी प्रदीप गुरु की प्रेरणा से 4 नग चांदी के चौरस (बिस्किट) भगवान श्री महाकालेश्वर जी को अर्पित किए। इनका कुल वजन 1500.200 ग्राम था। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से दानदाता को विधिवत रसीद प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह जानकारी मंदिर प्रबंध समिति की कोठार शाखा के कोठारी मनीष पांचाल द्वारा दी गई। श्री महाकालेश्वर मंदिर की सभी व्यवस्थाएं दान के माध्यम से ही संचालित होती हैं। समिति द्वारा निःशुल्क अन्नक्षेत्र, गौशाला, चिकित्सा आदि सेवाएं भी चलाई जाती हैं, जिनमें भक्त अपनी श्रद्धानुसार योगदान देते हैं। 
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