महाकाल लोक के द्वितीय चरण के निर्माण कार्यों की गति व गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। जिन कार्यों की समय-सीमा जून एवं जुलाई में पूर्ण करने की है, उसी के अनुरूप निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाकाल लोक स्थित कंट्रोल रूम के बैठक कक्ष में महाकाल लोक के द्वितीय चरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक के आसपास का विकास एवं श्रद्धालुओं के लिये सुविधाओं का विकास सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए की जाए।
इस दौरान कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से द्वितीय चरण के विभिन्न निर्माण कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने बैठक में बताया कि शिखर दर्शन, आपातकालीन द्वार, कोटि तीर्थ का जीर्णोद्धार कार्य गति के साथ पूरे किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में महाराजवाड़ा परिसर का उन्नयन तथा हैरिटेज धर्मशाला के पुनरुपयोग का कार्य, महाराजवाड़ा बेसमेंट पार्किंग निर्माण, नीलकंठ वन मार्ग का विकास, नीलकंठ वन का विकास का कार्य भी जारी है। उक्त सभी निर्माण कार्य जून माह तक पूर्ण हो जाएंगे। इसी के साथ शिखर दर्शन, आपातकालीन प्रवेश तथा निर्गम मार्ग, लेजर एवं वाटर स्क्रीन शो, श्री महाकालेश्वर मन्दिर परिसर, आन्तरिक परिसर का विकास, नन्दी हॉल का सौंदर्यीकरण, महाकालेश्वर मन्दिर परिसर में महाराजवाड़ा परिसर का सम्मिलन का कार्य, दान द्वारा धर्मशाला एवं अन्नक्षेत्र का निर्माण कार्य भी द्वितीय चरण में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण के कुछ कार्य जुलाई माह तक पूर्ण होंगे। कलेक्टर ने दानदाताओं के सहयोग से निर्मित किये जा रहे अन्नक्षेत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि निर्मित होने वाले अन्नक्षेत्र में दो हजार व्यक्ति एक साथ बैठकर भोजन कर सकेंगे एवं एक दिन में 90 हजार से एक लाख लोगों को भोजन प्रसादी प्रदान की जा सकेगी। अन्नक्षेत्र में विशाल एवं आधुनिक रसोई का निर्माण किया जारहा है तथा रसोई में सेवा करने के इच्छुक लोगों के लिये पृथक से व्यवस्था की जा रही है।