मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर 115 वर्षों से एक अनूठी परंपरा चली आ रही है। जहां, भादौ कृष्ण अष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्म के बाद मंदिर में पांच दिन तक शयन आरती नहीं होती। पुजारियों के अनुसार जन्म के बाद बालक के जागने और सोने का समय निश्चित नहीं रहता, इसलिए पांच दिन तक शयन आरती नहीं की जाती। इस बार भी यहां 16 अगस्त को जन्माष्टमी के पांच दिन बाद तक यह परंपरा निभाई जाएगी।