मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में लंबे समय से चला आ रहा वन अतिक्रमणकारियों का आतंक अब खत्म हो रहा है। पिछले सप्ताह पुलिस-प्रशासन और वन विभाग के एक हजार जवानों की कार्रवाई की और अतिक्रमणकारियों के अवैध ठिकानों को ढहा दिया। इन ठिकानों से प्रशासन को अब तक तीन करोड़ रुपये मूल्य की सागौन की लकड़ी मिली है। इसे 50 ट्रक और 30 ट्रैक्टर में भरकर ले जाया गया। यह लकड़ी सरकारी डिपो में जमा कर दी गई है। वन विभाग के अमले को दुर्लभ पैंगोलिन के शल्क भी मिले हैं।
बुरहानपुर जिले के जंगलों में और विशेषकर नेपानगर के घाघरला वन क्षेत्र में पिछले करीब छह माह से वन अतिक्रमणकारियों ने जंगलों को काटकर मैदान बना दिया था। पुलिस और प्रशासन ने कई बार अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई भी करने की कोशिश की। इनमें से कई अतिक्रमणकारियों को हिरासत में भी लिया। बीते छह माह में आधा दर्जन से अधिक बार इन अतिक्रमणकारियों ने पुलिस और वन अमले पर हमला किया और साथियों को छुड़ाकर ले गए। पुलिस और वन कर्मचारियों को भी कई बार इन अतिक्रमणकारियों ने घायल किया था। यह प्रशासन के लिए गंभीर समस्या बन गया था। बीते हफ्ते नेपानगर पुलिस थाने से करीब 60 से अधिक हमलावर तीन अतिक्रमणकारियों को छुड़ाकर ले गए थे जिनमें 32 हजार रुपये का इनामी बदमाश शामिल था।
अतिक्रमणकारियों पर हुई बड़ी कार्रवाई
नेपानगर थाने पर हुए हमले के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आया। उसने पुलिस और वन अमले के साथ ही एसटीएफ के एक हजार जवानों को साथ लेकर अतिक्रमणकारियों को घेरा। उनके अवैध साम्राज्य को ध्वस्त किया। नेपानगर के सीवल क्षेत्र के जंगलों में की गई इस कार्यवाही में प्रशासनिक अमले ने 200 से अधिक अवैध अतिक्रमणों को तोड़ा है। कई लोगों को भी हिरासत में लिया है, जिनमें 13 महिलाएं भी शामिल थी।