गंगा आरती
- फोटो : अमर उजाला
आरती का शुभारंभ 11 पंडितों द्वारा चकराघाट पर बड़ी आरती से किया गया तो आरती के साथ-साथ मंदिरों के शंख झूला और डमरूदल, अखाड़े, दलदल घोडी, बरेदी नृत्य दल की आवाज से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो गया। मंदिरों पर की गई रंग बिरंगी रोशनी से पूरा क्षेत्र जगमग हो गया। इस दौरान ऐसा लगा मानो, मां गंगा स्वयं इस नई शुरुआत का स्वागत कर रही हों और इस दौरान नागरिकों में भी खुशी का माहौल देखा गया। क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी ऐतिहासिक धरोहर और आस्था के केंद्र को सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई इस पहल से नागरिकों को इस क्षेत्र के इतिहास के बारे में जानने की लालसा जगी तथा उन्हें स्वच्छता का महत्व समझ आया।