आज होली का त्योहार है, लोग उत्साह के साथ होली मनाने में जुटे हुए हैं। गांव-गांव और शहर-शहर में सुबह से ही लोगों ने रंग-गुलाल उड़ाना शुरू कर दिया है। इससे पहले गुरुवार रात को जगह-जगह होलिका दहन किया गया। लेकिन, बुंदेलखंड अंचल के सागर जिले में एक ऐसा गांव है जहां कई साल से होलिका दहन नहीं किया गया है। गांव के बुजुर्गों के अनुसार यह सिलसिला कई पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह हथखोय गांव जिले की देवरीकलां तहसील में हैं।
दरअसल, आदिवासी जनजातीय बहुल इस गांव में मां झारखंडन माता का एक पुराना मंदिर है। माता के प्रकोप के डर के कारण यहां पर कभी होली नहीं जलाई जाती। ग्रामीणों कहते हैं कि पुराने बुजुर्गों के समय से गांव में कभी होली नहीं जली थी। एक बार ग्रामीणों ने अन्य गांवों की तरह यहां भी होली जलाने का विचार किया। होली जलाने की तैयारी होते ही पूरे गांव में अचानक आग लग गई।