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सागर: गोपाल भार्गव हुए भावुक, बोले- राजनीति में कोई भरोसा नहीं रहता, सिंधिया ने दिलाया भरोसा मैं साथ खड़ा हूं

Sat, 12 Mar 2022 02:38 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा में रहस मेले का आयोजन किया गया। इसमें मंत्री गोपाल भार्गव भावुक हो गए। संबोधन के दौरान उनका गला भर आया। बोले- मैं रहूं या न रहूं, ये मेला चलते रहना चाहिए। मंच पर मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सहारा देते हुए कहा कि आपके साथ मैं खड़ा हूं।
 
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सागर जिले के गढ़ाकोटा में रहस मेले का आयोजन किया जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा में रहस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मंत्री गोपाल भार्गव भावुक हो गए। संबोधन के दौरान उनका गला भर आया। बोले- मैं रहूं या न रहूं, ये मेला चलते रहना चाहिए। मंच पर मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सहारा देते हुए कहा कि आपके साथ मैं खड़ा हूं।
 
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गोपाल भार्गव के मंत्री बनने के बाद इस मेले को भव्य स्वरूप दिया गया था। - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गढ़ाकोटा में तीन दिवसीय रहस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले की परंपरा 214 साल पुरानी है। गोपाल भार्गव के मंत्री बनने के बाद इस मेले को भव्य स्वरूप दिया गया था। गोपाल भार्गव ने कहा- आप लोग इस मेले को आगे बढ़ाते रहें। हम लोग तो ऐसे हैं कि राजनीति में कोई भरोसा नहीं रहता। जीवन का भी कोई भरोसा नहीं है, लेकिन धर्म, परंपरा के लिए जो लोग जीते हैं, वही लोग जिंदा रह पाते हैं। जो लोग अपना इतिहास भूल जाते हैं, इतिहास उन्हें भी भुला देता है। बोलते-बोलते वे भावुक भी हो गए।
 
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सिंधिया के गढ़ाकोटा आगमन के दौरान गोपाल भार्गव एवं मेला समिति के अध्यक्ष अभिषेक भार्गव की अगुवाई में 2 किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित किया गया। - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- अभी मंच से गोपाल जी कह रहे थे कि मैं रहूं या ना रहूं, ये मेला चलना चाहिए। विधि का विधान है, लेकिन मैं रहली की जनता से विश्वास लेना चाहता हूं कि जिस व्यक्ति ने अपना संपूर्ण जीवन आप को समर्पित किया, जिस व्यक्ति के जीवनकाल में हर क्षण में अगर आवाज उठी तो रहली के झंडे की आवाज उठी, सागर के झंडे की आवाज उठी, उस व्यक्ति का साथ आप और हम मिलकर अंतिम सांस तक देने के लिए तैयार रहेंगे। गोपाल जी, आपके साथ ज्योतिरादित्य खड़ा है। उन्होंने कहा कि मैं केवल ग्वालियर का नागरिक नहीं बल्कि सागर के खून के रूप में आपके समक्ष खड़ा हूं। मेरी दादी का जन्म सागर में हुआ और दादी ने सागर में रहकर जो सिद्धांत, मूल्य, धरोहर एवं विचारधारा को सहेज कर हम सभी सिंधिया परिवार को दिया है, इसके लिए सागर का हमेशा ऋणी रहूंगा।
 
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आयोजन में भारी संख्या में जन समुदाय मौजूद था। - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि रहली विधानसभा के लगातार आठवीं बार विधायक बनने वाले गोपाल भार्गव की वरिष्ठता को इन दिनों तवज्जो नहीं मिल रही है। कमलनाथ सरकार के समय इसी वरिष्ठता की वजह से वे सदन में नेता प्रतिपक्ष भी रहे थे। भार्गव के मन में भी कहीं न कहीं दर्द छिपा है और संभवत: भाजपा के अनुशासन में यह खुलकर सामने नहीं आ पा रहा है, मगर सागर में रहस मेले में यह अप्रत्यक्ष रूप से बाहर निकल गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के सहकारिता लोक सेवा प्रबंधन एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया, जलसंसाधण मंत्री तुलसी सिलावट, स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, गौरव सिरोठिया, पीएल तंतुवाए, प्रहलाद लोधी, कलेक्टर दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक तरुण नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं भारी संख्या में जन समुदाय मौजूद था।
 
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