मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दबंगई का एक और मामला सामने आया है। कुछ गरीबों की फसल गांव के दबंग काटकर ले गए। एसपी ऑफिस पहुंची महिलाओं का आरोप है कि विरोध करने पर हमें पीटा गया और कपड़े तक फाड़ दिए गए।
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हाथों में हंसिया लिए रोती हुई महिलाएं पहुंची एसपी ऑफिस।
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दबंगई का एक और मामला सामने आया है। कुछ गरीबों की फसल गांव के दबंग काटकर ले गए। एसपी ऑफिस पहुंची महिलाओं का आरोप है कि विरोध करने पर हमें पीटा गया और कपड़े तक फाड़ दिए गए।
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न्याय की उम्मीद में एसपी ऑफिस में ही डेरा डाले रहीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार मामला ईशानगर थाना के सलैया गांव का है। यहां रहने वाले हरि रजक, बतोरा रजक एवं उनके पुत्र अपने गांव की भूमि खसरा नम्बर 3013 पर पिछले कई सालों से खेती करते आ रहे हैं। हालांकि जमीन को लेकर गांव के कुछ दबंगों से विवाद भी चल रहा था। कानूनी प्रक्रिया के बाद जमीन वापस पीड़ित पक्ष को मिल गई थी। जिसके बाद फरियादी पक्ष ने उसमें सरसों की फसल बो ली थी। जहां अब आरोप है कि गांव में ही रहने वाले संतोष पटेरिया और उसके साथियों ने जबरन उनकी फसल को खेत से कटवा लिया। फसल काटने का विरोध किया तो मारपीट कर अभद्रता कर दी।
महिला का आरोप है कि मारपीट के साथ ही उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए।
- फोटो : अमर उजाला
गांव से आई महिलाओं सहित बुजुर्ग महिला का आरोप है कि वे सभी बेहद गरीब हैं। खेती कर अपना गुजर-बसर करती हैं। जब वे अपने खेत मे फसल काट रही थीं तभी गांव के संतोष पटेरिया अपने साथियों के साथ आ गया और मारपीट करते हुए कपड़े फाड़ दिए। स्थानीय थाने पहुंचे तो वहां कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद सभी लोग एसपी ऑफिस आ गए। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह का कहना है चूंकि मामला जमीन से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामले में जांच की जा रही है। फरियादी पक्ष के जमीन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उन्हें तहसीलदार के पास भी जाने के लिए कहा है|