वन विभाग की टीम ने लकड़ी की तस्करी करने वाले पांच सदस्यीय अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह बड़े ही शातिर तरीके से फर्जी ट्रांजिट पास (TP) बनाते था और उस TP में अधिकारियों के फर्जी दस्तखत करते थे। इसके बाद अवैध लकड़ी का परिवहन करते हुए बड़ी ही आसानी से वन अमले को कागजात दिखाते और उन्हें चकमा देकर निकल जाते थे। बीते दिनो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चाक घाट बॉर्डर में वन अमले की टीम जांच कर रही थी। इसी दौरान उन्हें लकड़ी से लदे दो ट्रक दिखे। ट्रकों को रोककर उनके ड्राइवरो से पूछताछ की गई तो टीम को आशंका हुई। उन्होंने गहनता से छानबीन की। इसके बाद इस गिरोह का पर्दाफाश हो गया। गिरोह के पास से 25 लाख रुपये कीमत की अवैध लकड़ी बरामद की गई है।
अंतरराज्यीय गिरोह को वन अमले ने दबोचा
रीवा वनमंडल अंतर्गत चाकघाट वन परिक्षेत्र स्थित UP-MP बॉर्डर के वन चेक पोस्ट पर वन अधिकारी और अरक्षक ने दो संदिग्ध ट्रकों को रूकवाया था। ट्रक में साल के पेड़ की लकड़ी भारी मात्रा में लोड थी। वनकर्मियों को अशंका हुई। उन्होंने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी। इसके बाद ट्रक चालकों से ट्रक में लदे लकड़ी के दस्तावेज मांगे गए। ट्रक चालको ने वन कर्मियों को TP दिखाया। चालकों द्वारा प्रस्तुत परिवहन अनुज्ञा पत्र के अवलोकन से अधिकारियों की आशंका और बढ़ गई।
फर्जी TP बनाकर करते थे लकड़ी की तस्करी
वन विभाग की टीम ने तत्काल उत्तर प्रदेश के वन अधिकारीयों से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि TP पूरी तरह से फर्जी हैं। उस पत्र पर किए गए अधिकारीयों के दस्तखत भी फर्जी है। जानकारी एकत्रित करने के बाद वन विभाग की टीम ने दोनों ट्रक के चालकों और सहचालको को पकड़ लिया। ट्कों में लोड साल के पेड़ की लकड़ी और दोनों ट्रको को जब्त कर जांच शुरू की गई।
25 लाख की अवैध लकड़ी और ट्रक जब्त
वन विभाग की टीम ने बताया कि जब्त अवैध लकड़ी की कीमत तकरीबन 25 लाख रुपये है। ट्रक चालको से पूछताछ में अवैध लकड़ी के परिवहन करने वाले एक मुख्य सरगना का नाम सामने आया। पता लगाया तो उसका लोकेशन शहडोल जिले में मिला। रीवा वनमण्डल अधिकारी DFO अनुपम शर्मा के निर्देशानुसार रीवा से वन क्षेत्रपाल गौरव सक्सेना के नेतृत्व में रीवा वन विभाग की टीम शहडोल भेजी गई। शहडोल और रीवा वन विभाग की संयुक्त कार्यवाही से मुख्य सरगना निसार अली उर्फ हाजी को पकड़ लिया गया। इसके बाद हाजी को पूछताछ के लिए रीवा लाया गया।
मुख्य सरगना साहित पांच आरोपी गिरफ्तार
अगले दिन उप वनमण्डल अधिकारी पूजा नागले (भावसे प्रशिक्षु ) ने सभी पांच लकड़ी तस्करों से कड़ी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उनका एक गिरोह लकड़ी के अवैध परिवहन का अंतरराज्यीय गिरोह है। यह विभिन्न राज्यों से लकड़ियां काटकर फर्जी TP के सहारे उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में पहुंचाते थे। पूछताछ के बाद मुख्य सरगना समेत पांच आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। उन्हें जेल भेज दिया गया है।
26 जनवरी को सम्मानित होंगे अधिकारी
रीवा वन मंडल आधिकारी DFO अनुपम शर्मा ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में स्थित गिरोह के अन्य सदस्यों की उत्तर प्रदेश वन विभाग की टीम तलाश कर रही है। राजकुमार यादव वन परिक्षेत्र अधिकारी और आनंद चतुर्वेदी वनरक्षक को उनकी सजगता और इस बड़ी कार्यवाही के लिए 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा।