हत्या के बाद शव पुलिया से नीचे फेंक दिया था।
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पहला वार रीना ने किया
पूछताछ में रीना ने बताया कि 29 अप्रैल को उसने वीरू जाट को राजस्थान से साईखेड़ा अपने घर मिलने के लिए बुलाया। उस वक्त घर के अंदर अरुण पटेल और उसका साथी हरनाम किरार पहले से मौजूद थे। जैसे ही वीरू घर के अंदर आया, रीना ने अरुण के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बेसबॉल बैट से उस पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से वीरू की मौके पर ही मौत हो गई।
लगातार बदलते रहे ठिकाना
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरी में डाला और कार की डिक्की में रखकर साईखेड़ा से रायसेन जिले के बाड़ी ले आए। यहां नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के पास टेडिया पुल के नीचे शव फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद तीनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते रहे। वे बाड़ी से इटारसी, फिर कल्याण-मुंबई, इंदौर और उज्जैन में छिपते रहे।
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