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मशरूम की खेती बना रही मालामाल: ग्वालियर के प्रोफेसर ने नौकरी छोड़ शुरू की खेती, सालाना आय 50 लाख तक

Thu, 17 Feb 2022 05:40 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

मशरूम की खेती कर कोई हर साल लाखों रुपये कमा सकता है ये बात सुनकर यकीन नहीं होता, लेकिन ग्वालियर में प्रोफेसर की नौकरी छोड़ मशरूम की खेती करने वाले डॉ. एच एस गोस्वामी हर साल लाखों रुपये का टर्नओवर कर रहे हैं।
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प्रोफेसर डॉ. एच एस गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
मशरूम की खेती कर कोई हर साल लाखों रुपये कमा सकता है ये बात सुनकर यकीन नहीं होता, लेकिन ग्वालियर में प्रोफेसर की नौकरी छोड़ मशरूम की खेती करने वाले डॉ. एच एस गोस्वामी हर साल लाखों रुपये का टर्नओवर कर रहे हैं।

प्रोफेसर गोस्वामी दुर्लभ कीड़ाजड़ी प्रजाति के मशरूम की खेती करते हैं और इसके बीज से लेकर इससे बने कई प्रोडक्ट्स को बेचकर वो साल भर में करीब 50 लाख रुपये तक कमा लेते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन वह मशरूम की खेती अपने घर में ही 500 वर्ग फीट के एक कमरे में करते हैं। प्रोफेसर गोस्वामी ने घर में ही एक कमरे में छोटी लैब तैयार की है, जिसमें वह मशरूम का बीज तैयार करके मशरूम उगाते हैं।
 
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कीड़ाजड़ी प्रजाति का मशरूम - फोटो : अमर उजाला

हिमालयन संजीवनी के नाम से जाना जाता है कीड़ाजड़ी मशरूम
कीड़ाजड़ी प्रजाति के मशरूम को वैज्ञानिक भाषा में कोर्डिशेप भी कहा जाता है। यह मशरूम ज्यादातर पहाड़ी या ठंडे क्षेत्रों में ही उगाया जाता है। यही वजह है कि इसे हिमालयन संजीवनी के नाम से भी जाना जाता है। कीड़ाजड़ी मशरूम की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 लाख रुपये किलोग्राम है। 

 
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लैब में तैयार मशरूम के बीज - फोटो : अमर उजाला

प्रोफसर की नौकरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती
ग्वालियर में रहने वाले डॉ. एच एस गोस्वामी पहले निजी कॉलेज में प्रोफेसर थे, लेकिन 10 साल जॉब करने के बाद उन्हें यह नौकरी रास नहीं आई। नौकरी छोड़कर उन्होंने मशरूम की खेती करने का विचार बनाया। इसके लिए वो वियतनाम गए और वहां करीब एक हफ्ते की ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग के बाद उन्होंने घर में ही कोर्डिशेप मशरूम को उगाना शुरू किया। प्रोफेसर गोस्वामी ने महज घर के 500 वर्ग मीटर एरिया में इस मशरूम की खेती को शुरू किया और आज तीन साल के अंदर वह कीड़ाजड़ी मशरूम से सालाना 40 से 50 लाख रुपये कमा रहे हैं। प्रोफेसर गोस्वामी मशरूम से बनने वाले 48 प्रकार के प्रोडक्ट भी तैयार करते हैं, जिसमें हेयर ऑयल, कॉस्मेटिक,बॉडी लोशन, हर्बल, फेसपैक और अन्य प्रोडक्ट शामिल हैं।

 
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औषधी के रूम में उपयोग होता है कीड़ाजड़ी मशरूम - फोटो : अमर उजाला

कई बीमारियों में फायदेमंद है कीड़ाजड़ी मशरूम 
प्रोफेसर डॉ. एच एस गोस्वामी ने बताया कि यह कीड़ाजड़ी मशरूम स्टैमिना के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस मशरूम को देश के साथ-साथ विदेशों में एथलेटिक्स इंटरनेशनल खिलाड़ी, ओलंपियन खिलाड़ी खाते हैं। यह हमारे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाता है। इसके साथ ही यह जोड़ों के दर्द में काफी लाभदायक होता है। इसके अलावा डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कार्डिक प्रॉब्लम के साथ-साथ कैंसर में काफी उपयोगी माना जाता है। प्रोफेसर गोस्वामी ने बताया तीन साल पहले जब उन्होंने इस मशरूम की शुरुआत की थी, तो बाहर से इसे 3 लाख किलोग्राम के हिसाब से लाते थे, लेकिन उन्होंने खुद लैब में इसका बीज तैयार किया और देश में 50 हजार किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं।
 
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