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किसानों का प्रदर्शन हुआ उग्र: CM हाउस जाने के लिए तोड़े बैरिकेड्स; सरकार करेगी शाम 7 बजे बात; देखें तस्वीरें

Wed, 29 Jul 2026 01:26 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला,भोपाल

सार

मूंग की 100% खरीदी, MSP की कानूनी गारंटी समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन भोपाल में तेज हो गया है। आंदोलन के चलते कई क्षेत्रों के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। देखें उग्र होते हुए किसान आंदोलन की तस्वीरें।
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उग्र हुआ किसानों का आंदोलन। - फोटो : अमर उजाला

मूंग की 100% खरीदी हो, MSP की कानूनी गारंटी मिले, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द की जाए और किसानों को दी गई मोदी की गारंटी पूरी की जाए। ये किसानों की पांच प्रमुख मांगें हैं। इन्हीं मांगों को लेकर किसानों ने 'किसान क्रांति पदयात्रा' का शंखनाद करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया है।


इस बीच किसानों का प्रदर्शन उग्र हो चुका है। जैसे ही 11 बजे के बाद किसानों की संख्या बढ़ने लगी। अन्य जिलों से किसान पहुंचने लगे तो किसानों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन तेज कर दिया है। बसों के ऊपर चढ़ गए हैं। पुलिस की बैरीकेट तोड़कर आगे बढ़ते हुए दिख रहे हैं। पुलिस पर किसानों का पलड़ा भारी होता हुआ दिख रहा है। वहीं किसान नेता शांति की अपील कर रहे हैं। समूह के समूह में बसों की छत के ऊपर चढ़कर किसान नारेबाजी कर रहे हैं। 


वहीं, किसानों की बड़ी संख्या को देखते हुए भोपाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसानों के जत्थे को मंगलवार को होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु पर ही रोक दिया गया था। इसके बाद किसानों ने पूरी रात वहीं डेरा डाले रखा। बुधवार सुबह होते ही धरना स्थल पर किसानों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी।

किसान आंदोलन का असर स्कूलों पर भी दिखाई दिया। नर्मदापुरम रोड समेत प्रभावित क्षेत्रों के अधिकांश स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

 

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रानी कमलापति के पास आरआर एल पर धरने पर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला

आज इन-इन जिलों से पहुंचे किसान
नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और सीहोर से बड़ी संख्या में किसान बुधवार को भोपाल पहुंचे। इसके बाद किसान संगठनों ने आंदोलन की आगे की रणनीति पर मंथन किया। किसानों ने आज भी मुख्यमंत्री आवास के घेराव का एलान किया है।

'हम आज हर हाल में सीएम हाउस पहुंचेंगे'

सीएम हाउस तक पहुंचने के लिए किसान लगातार रणनीति बना रहे हैं। कड़ी सुरक्षा और पुलिस की घेराबंदी के बीच किसान अलग-अलग रास्तों से मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं। किसान नेता गजेंद्र सिंह जाट ने कहा, "अगर सरकार हमें इस तरह रोकेगी, तो किसान भी मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने के नए तरीके तलाशेंगे। हम आज हर हाल में सीएम हाउस पहुंचेंगे। हमारी मांगें पूरी की जाएं, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"

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हाथों में पोस्टर लिए हुए जेन जी आंदोलन में हुए शामिल। - फोटो : अमर उजाला

जेन-जी की भी हुई किसान आंदोलन में एंट्री
दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब भोपाल में चल रहे किसान आंदोलन में जेन-जी वर्ग के युवाओं ने भी भागीदारी की है। वे रचनात्मक तरीकों से आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल होकर तख्तियों और पोस्टरों पर नारे लिख रहे हैं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कैसे जेन जी हाथों में पोस्टर लिए हुए आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, बीत कुछ माह से जेन जी देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 

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जीतू पटवारी। - फोटो : अमर उजाला

'मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है'
इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "कृषि मंत्री जी, डरो मत, किसानों की सुनवाई करो। किसानों की आवाज़ को राजनीति कहना सबसे आसान बहाना है, लेकिन उनकी पीड़ा सुनना मोहन सरकार की बुनियादी ज़िम्मेदारी है। यदि सब कुछ ठीक है, तो हजारों किसान परिवार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर भोपाल क्यों पहुंचे? मुख्यमंत्री बताएं कि किसान भड़काए गए हैं या मोहन सरकार ने उनकी हर गुहार को अनसुना कर दिया है? किसान शांतिपूर्वक अपनी बात कह रहे हैं, लेकिन अहंकार में डूबी सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। मैं स्पष्ट तौर पर फिर दोहराता हूं कि मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनकी हर मांग का समर्थन करती है।"

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बस के ऊपर चढ़े किसानों को नीचे उतारने की कोशिश करती हुई पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

कृषि मंत्री कंसाना ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
मंगलवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से मुलाकात की। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें विस्तार से उनके समक्ष रखीं। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज़ मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मूंग खरीदी सहित किसानों से जुड़े सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा।

ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और खरीदी व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न आए। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने तथा संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। किसानों से चर्चा के बाद कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को फिर पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के लिए मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने का आग्रह किया है।

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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव। - फोटो : अमर उजाला

संवाद से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के हित में पूरे मध्य प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक समिति बनाई गई है, जो किसानों से संवाद करेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री से प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग और कृष्णा गौर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता को परेशानी न हो, इसकी चिंता दोनों पक्षों को करनी चाहिए। संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

ये भी पढ़ें- भोपाल में किसान आक्रोश: कांग्रेस नेता जीतू पटवारी से बोले कृषि मंत्री कंषाना, राजनीति न करें, क्या है मामला?

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किसान हुए उग्र, बसों के ऊपर चढ़के किया हंगामा

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उग्र हुआ आंदोलन, बसों के ऊपर चढ़े युवा किसान। - फोटो : अमर उजाला
किसान हुए उग्र, बसों के ऊपर चढ़के किया हंगामा
दोपहर एक बजे के बाद किसान उग्र हो गए। कई युवा किसान बसों पर चढ़ चुके हैं और वहां से नारेबाजी कर रहे हैं। इस बीच पुलिस प्रशासन किसानों को रोकने में असमर्थ दिखाई दे रही है। 
पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को घसीटकर हटा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ किसान नेता उन्हें शांत रहने की नसीहत दे रहे हैं। लेकिन युवा किसान मानने को तैयार नहीं हैं, बसों में चढ़ चुके हैं।

किसानों फिर बैरिकेडिंग के ऊपर से चढ़े

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भोपाल में उग्र किसान बसों पर चढ़ गए। - फोटो : अमर उजाला

बीतते समय के साथ किसान भी उग्र होते जा रहे हैं। सीएम हाउस घेरने की जिद पर अड़े किसान बैरिकेडिंग के ऊपर से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। बसों पर चढ़े किसानों को पुलिस नीचे उतारने की कोशिश करती नजर आई। जीजी फ्लावर की बजाय नीचे से किसान सीएम हाउस की तरफ बढ़ रहे हैं भोपाल में किसान बस की छत पर चढ़ गए हैं। वो जय जवान.जय किसान के नारे लगा रहे हैं। उधर, भोपाल में शाम 6 बजे राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा "कक्का जी" किसान आंदोलन को लेकर अपनी बात सबके सामने रखेंगे। 



सीएम हाउस की ओर निकले किसानों को संगठन वाले रोकने और वापस उसी स्थान में बैठने का अनाउंसमेंट कर रहे हैं। संगठन वालों का कहना है कि जो संगठन से जुड़े लोग हैं, वह वापस आएं। अगर उनके ऊपर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई होती है तो उसके जिम्मेदार वह खुद होंगे। किसान संगठन के लोग बोले सभी लोग यहीं बैठेंगे सबको वापस लेने के लिए हमारी टीम गई हुई है। कुछ लोग उत्साह में आगे बढ़ गए हैं। सरकार द्वारा किसानों के एक डेलिगेशन के नाम मांगे गए हैं। सरकार से बातचीत के बाद ही कोई आगे का डिसीजन लिया जाएगा।

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बाणगंगा इलाके में मिट्टी से भरे डंपर खड़े किए गए हैं। - फोटो : अमर उजाला

सरकार ने किसानों को शाम 7 बजे मिलने का दिया समय
किसानों को शाम 7 बजे सरकार की तरफ से मिलने का समय दिया गया है। इसके पहले सीएम हाउस से किसानों के लिए बुलावा आया था। 19 संगठन सीएम से चर्चा के बाद आगे की रणनीति बनाएंगे। अगर बात बनी तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रखने की घोषणा की जाएगी। वहीं किसान केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के सामने  सड़क पर बैठ गए हैं। वे नारे लगा रहे हैं।  इसके आगे किसानों को बढ़ने नहीं दिया जा रहा है। आगे का रास्ता ब्लाक कर दिया गया है। शिवराज सिंह चौहान के निवास के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बाणगंगा पर गिट्टी से भरे डंपर खड़े कर और बैरिकेटिंग लगाकर किसानों को रोकने का पुलिस ने इंतजाम किया है। 

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