फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: कलियासोत वेटलैंड में मड रैली पर पुलिस की कार्रवाई, 10 गाड़ियां जब्त, वाहन चालकों पर एफआईआर

Wed, 29 Jul 2026 08:59 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कलियासोत डैम क्षेत्र में मड ड्राइव और वाहनों से स्टंट करने वालों पर रातीबड़ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने 10 वाहन जब्त कर एफआईआर दर्ज की है और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
विज्ञापन
1 of 2
अवैध मड रैली करने पर 10 एसयूवी जब्त, वाहन चालकों पर एफआईआर - फोटो : अमर उजाला
कलियासोत डैम क्षेत्र में वेटलैंड की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को नजरअंदाज कर मड रैली और स्टंट करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रातीबड़ पुलिस ने 10 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं। मामले में संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 281, 170, 271 और 279 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, 26 जुलाई को कलियासोत डैम क्षेत्र में कुछ लोगों ने वाहनों से मड ड्राइव और स्टंट किए थे। कार्रवाई की भनक लगने के बाद कुछ लोग अपने वाहनों से कीचड़ साफ कर उनकी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने ऐसे 10 वाहनों को जब्त किया है। अब सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से स्टंट में शामिल दूसरे वाहन चालकों और वाहनों की पहचान की जा रही है। 

ये भी पढ़ें-  Live
 Bhopal Farmers Protest Live: सावरकर सेतु पर किसानों का डेरा, प्रभावित इलाकों के स्कूलों में की गई छुट्टी

 
विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
पुलिस द्वारा जब्त की गई गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
एनजीटी के आदेश के बावजूद हुई मड रैली
पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने बताया कि कलियासोत-केरवा के वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में सप्ताहांत पर अवैध मड ड्राइव और भीड़ जुटने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बावजूद कलियासोत डैम क्षेत्र में मड रैली आयोजित की गई।
जनवरी 2020 में एनजीटी ने देशभर के वेटलैंड क्षेत्रों में मड रैली जैसे आयोजनों पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद तत्कालीन भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने भी एक प्रस्तावित रैली की अनुमति निरस्त कर दी थी। ऐसे आयोजनों से वेटलैंड के साथ-साथ आसपास के वन क्षेत्र और बाघ-तेंदुओं जैसे वन्यजीवों के लिए भी खतरा पैदा होने की आशंका जताई गई थी। 

ये भी पढ़ें-  MP News: टाइगर स्टेट में बाघों की मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा, 111 में 40 MP में; रिजर्व से बाहर भी बड़ा खतरा

2019 में भी जारी हुए थे प्रतिबंध के आदेश
कलियासोत-केरवा क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए अगस्त 2019 में तत्कालीन वन विभाग की ओर से भी प्रतिबंध और निगरानी के आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद मड ड्राइव और स्टंट की घटनाएं सामने आना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस की मौजूदा कार्रवाई के बाद अब इस मामले में अन्य वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें