मां शारदा प्रबंधन समिति, मैहर में पदस्थ प्रोटोकॉल कर्मचारी अशोक विश्वकर्मा अपनी अनोखी कला के कारण इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। बीते 35 वर्षों से वे नारियल के खोल से आकर्षक और उपयोगी कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं, वह भी बिना किसी मशीन के। लगातार कई वर्षों से वे इन कलाकृतियों में नए-नए डिजाइन और तरीके अपनाकर उन्हें और सुंदर बना रहे हैं।
मां शारदा देवी मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए नारियल पूजन के बाद तोड़ दिए जाते हैं। आमतौर पर इन्हें बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन अशोक विश्वकर्मा इन्हीं खोलों को नया जीवन देते हैं। वे नारियल के खोल से कप, केतली, कटोरी, गुलदस्ते, शोपीस और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाते हैं। इन हस्तनिर्मित कलाकृतियों को लोग न केवल पसंद कर रहे हैं, बल्कि उनकी जमकर सराहना भी कर रहे हैं।