अरुण शर्मा की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सड़क से लेकर भवनों की छतों तक बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कलेक्टर अवधेश कुमार शर्मा और एसपी राकेश कुमार सगर ने भी कानड़ पहुंचकर शहीद अरुण शर्मा को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
1 of 3
मध्य प्रदेश के बेटे को अंतिम विदाई देने जनसैलाब उमड़ पड़ा।
- फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए मध्य प्रदेश के बेटे को अंतिम विदाई देने जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार देर रात उनका पार्थिव शरीर इंदौर एयरपोर्ट लाया गया, फिर वहां से गृहग्राम कानड़ लेकर आए। सोमवार को अंतिम विदाई दी गई।
विज्ञापन
2 of 3
अरुण शर्मा की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
- फोटो : सोशल मीडिया
अरुण के सम्मान और शोक स्वरूप कानड़ के बाजार बंद रहे। सोमवार सुबह गृहग्राम कानड़ में श्रद्धांजलि सभा के बाद अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें देशभक्ति के नारे और गीतों की गूंज के बीच भारत माता का जयकारा गुंजायमान हुआ। अरुण शर्मा की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सड़क से लेकर भवनों की छतों तक बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। हर कोई अपने वीर जवान को अंतिम सलाम करके श्रद्धांजलि देना चाह रहा था। कलेक्टर अवधेश कुमार शर्मा और एसपी राकेश कुमार सगर ने भी कानड़ पहुंचकर शहीद अरुण शर्मा को श्रद्धांजलि दी और उनके पिता मनोहर लाल शर्मा से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया। देवास शाजापुर संसदीय क्षेत्र सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम को आकर्षक ढंग से सजाया गया। यहां छांव से लेकर पेयजल आदि की भी व्यवस्था की गई थी।
कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में आगर जिले के रहने वाले अरुण शर्मा शहीद हो गए थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में आगर जिले के रहने वाले अरुण शर्मा शहीद हो गए। अरुण शर्मा को ड्यूटी के दौरान इलाके में आतंकियों की मौजूदगी का पता चला तो वे उनसे सामना करने निकल पड़े। शर्मा टीम के साथ आतंकियों की गोलियों का जवाब दे ही रहे थे कि एक गोली उनके सिर में लग गई। शर्मा को पास के अस्पताल लाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बची। इसके बाद टीम के लोगों ने उनके शहीद होने की पुष्टि की।