मध्यप्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो रही हैं और नामांकन का भी दौर शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार अपने गृह जिले सीहोर की बुधनी सीट से नामांकन भरा। नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ उनकी पत्नी साधना सिंह, बेटा कुनाल, उनके चुनावी एजेंट रमाकांत भार्गव और वकील श्रेय राज सक्सेना मौजूद थे।
नामांकन पत्र जमा करने से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेसी मेरे परिवार पर आक्षेप लगाते हैं, लेकिन मेरा परिवार छोटा नहीं है। मेरा कुनबा बहुत बड़ा है और प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता मेरा परिवार है।
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लक्ष्मण सिंह
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पहली ही सूची में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का दबदबा दिखा जब उनके भाई और बेटे दोनों को टिकट दे दिया गया। सोमवार को दिग्विजय खुद अपने भाई को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय में मौजूद रहे। दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा से खड़े हुए है। यहां उनका सामना भाजपा के दिग्गज नेता ममता मीणा से है। बता दें कि ममता मीणा मौजूदा क्षेत्र से विधायक भी रह चुकी है।
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लक्ष्मण सिंह
लक्ष्मण सिंह इससे पहले भी दो बार जीत का डंका बजा चुके हैं। राघौगढ़ सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है और भाजपा के लिए हमेशा से एक चुनौती रही है। पिछले विधानसभा में भाजपा ने जिस उम्मीदवार पर दांव खेला था उसे 58,204 मतों से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा ने भूपेंद्र रघुवंशी पर दांव खेला है।
2003 के चुनाव में भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को इस सीट से टिकट दिया, लेकिन वह भी दिग्विजय सिंह के आगे टिक नहीं सके। 2008 में कांग्रेस ने मूलसिंह दादाभाई को टिकट दिया जिन्होंने भाजपा उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह रघुवंशी को हराया। रघुवंशी को इस बार फिर यहां से टिकट मिला है।
यशोधरा राजे सिंधिया ने शिवपुरी विधानसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इसी सीट पर कांग्रेस ने अपने नए चेहरे सिद्धार्थ लाडा को मैदान मे उतारा है। बता दें कि यशोधरा राजे सिंधिया ने इसी सीट पर 2013 मे जीत दर्ज की थी। मौजूदा समय में यशोधरा राजे प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री है।