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Khandwa News: संत ब्रजराज पुरी की मौत पर विवाद, 5 दिन बाद समाधि खोदकर निकाला शव, पोस्टमार्टम से खुलेंगे राज

Thu, 09 Apr 2026 08:42 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

ओंकारेश्वर में संत ब्रजराज पुरी की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। संत समाज और परिजनों के दबाव के बाद 5 दिन बाद समाधि खोदकर संत का शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया।
 
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संत की मौत पर उठे सवाल - फोटो : अमर उजाला
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में संत ब्रजराज पुरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। संत समाज और परिजनों की मांग के बाद मृत्यु के करीब 5 दिन बाद गुरुवार को संत की समाधि खोदकर शव बाहर निकाला गया और डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।

महंत ब्रजराज पुरी का 5 अप्रैल को निधन हो गया था, वे ओंकार पर्वत स्थित ओंकार बिंदु पर निवास करते थे। निधन के दिन ही दोपहर में जल्दबाजी में उन्हें संत परंपरा के अनुसार समाधि दे दी गई लेकिन इसी प्रक्रिया को लेकर विवाद शुरू हो गया।
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संत ब्रजराज पुरी की मौत पर गहराया विवाद - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन का एक्शन, 5 घंटे चली प्रक्रिया
संतों और परिजनों द्वारा संदेह जताए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम की अनुमति के बाद थाना मांधाता पुलिस, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे चली कार्रवाई के बाद समाधि को खोदकर शव बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम किया गया। डॉक्टरों के अनुसार शव के विभिन्न अंगों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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5 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल, चेन और नकदी गायब- हत्या की आशंका
संत ओंकार दास उदासीन (राजेंद्र वर्मा) और मृतक के परिजनों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर दावा किया था कि महंत के दो मोबाइल फोन, सोने की चेन और नगदी गायब हैं। इन तथ्यों के आधार पर हत्या की आशंका जताई गई और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

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ट्रस्ट की जमीन को लेकर उठा विवाद - फोटो : अमर उजाला
ट्रस्ट की जमीन को लेकर भी उठा विवाद
मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी सामने आया कि मृत्यु से दो दिन पहले महंत ब्रजराज पुरी ने सोशल मीडिया पर ट्रस्ट की 73 एकड़ जमीन में गड़बड़ी और नाम परिवर्तन को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने खुद को ट्रस्ट से हटाने और झूठे केस में फंसाने की बात भी कही थी। इससे उनकी मौत को लेकर संदेह और गहरा गया।
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जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
क्या था मामला
गौरतलब है कि महंत ब्रजराज पुरी महाराज का 5 अप्रैल को निधन होने के तुरंत बाद उसी दिन दोपहर में उन्हें संत परंपरा के अनुसार समाधि दे दी गई थी। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर शुरू से ही सवाल उठने लगे थे। संत समाज के एक वर्ग और परिजनों का आरोप था कि इतनी जल्दी और सभी संतों की मौजूदगी के बिना अंतिम संस्कार करना संदेह पैदा करता है। 
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पोस्टमार्टम से होगा मौत का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
संत समाज का रुख और आगे की जांच
षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी ने कहा कि संत समाज जांच का समर्थन करता है और प्रशासन को पूरा सहयोग देगा।

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल ओंकारेश्वर में इस घटना को लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ है।
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