केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा रुन्झ-मझगंवा सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर 17 दिनों तक अनशन और धरने पर बैठे किसान नेता अमित भटनागर पिछले पांच दिनों से जिला अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन हैं। अस्पताल में उनका इलाज भारी पुलिस सुरक्षा और निगरानी के बीच चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा, जबकि विश्वस्त सूत्रों के अनुसार डिस्चार्ज के बाद उनके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक प्रकरणों में आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इधर उनसे मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता और चौकसी पर लगे पुलिसकर्मियों में जमकर नोकझोंक भी हुई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र गुप्ता और सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने संयुक्त रूप से बताया कि अमित भटनागर की स्वास्थ्य स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। उनका ब्लड प्रेशर अब सामान्य है और डॉक्टरों की टीम उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासनिक एवं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमित भटनागर के खिलाफ पहले से विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह स्वस्थ घोषित किए जाने और डिस्चार्ज मिलने के बाद पुलिस उन मामलों में वैधानिक कार्रवाई कर सकती है। इसी कारण अस्पताल में उनकी सुरक्षा के लिए पिछले पांच दिनों से पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है।