बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
चार गुना मुआवजे की मांग
दरअसल यह पूरा मामला भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं से संबंधित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा से पूर्व ही इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा अवॉर्ड निर्धारण की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी थी। हालांकि प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी जमीनों का उचित और बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया गया है। इसी असंतोष के कारण किसान सरकार से भूमि अधिग्रहण के बदले चार गुना मुआवजे की लगातार मांग कर रहे हैं।
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बैरिकेडिंग और पानी की बौछारें
आंदोलन की अगुवाई करणी सेना के ऋषिराज सिसौदिया कर रहे थे। जब किसानों का जत्था ट्रैक्टरों के साथ भोपाल की ओर आगे बढ़ने लगा, तो पुलिस ने शिप्रा थाना क्षेत्र के पास पूरे मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग करके उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा आगे बढ़ने के प्रयास के दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग किया और भीड़ पर पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई
घटनास्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद हैं। पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए करीब दस प्रदर्शनकारियों तथा किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है।