कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीएम मोहन यादव।
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यह कहा था जीतू पटवारी ने
जीतू पटवारी सरकार पर नशा, बेरोजगारी और कुपोषण पर हमला कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को तमंगा मिला है कि प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाने वाली भाजपा ने यह हालत कर दिए है, जितना ड्रग का कारोबार यहां होता है उतना दूसरी किसी राज्य में नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह प्रयास नहीं किए कि इससे निजात कैसे दिलाएं। पटवारी ने कहा कि हमारी बहनें, बेटियां नशा करने लगी हैं, लाडली बहना के नाम पर वोट तो ले लिए और मध्य प्रदेश में बहना ही सबसे ज्यादा नशा करती हैं। इस पर विचार करना चाहिए। इसका विरोध शुरू हुआ तो जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में शराब और ड्रग्स की खपत बेतहाशा बढ़ी है। युवाओं के अलावा बच्चे तक नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इस मुद्दे पर अगर विपक्षी दल कांग्रेस आवाज नहीं उठाएगी तो कौन उठाएगा।
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सीएम तक कर चुके पलटवार
जीतू पटवारी के बयान के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई। भाजपा ने हर तरफ से पटवारी और कांग्रेस पर हमला बोला। मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कड़ी निंदा की। सीएम मोहन यादव ने भी इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इशारों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को शराबी कह दिया। वे महिलाओं के शराब पीने वाले जीतू पटवारी के बयान पर बोल रहे थे। सीएम ने कहा कि पता नहीं कहां के आकड़े ले आए। खुद की उतरी नहीं होगी रात की।