जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतीकात्मक चेक प्रदान करते सीएम मोहन यादव
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बच्चों को बलिदान गाथा पढ़ाएंगे
उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती के जल संरक्षण प्रयासों को दृष्टिगत रखते हुए सरकार ने तालाबों की शृंखला को संरक्षित करने और उनके नामों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया है। रानी ताल, आधार ताल और संग्राम ताल जैसे जल स्त्रोत आज भी उनके पर्यावरणीय दृष्टिकोण का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने घोषणा की कि वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन व बलिदान की गाथा को प्रदेश के स्कूलों और महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।
मैराथन दौड़ को देंगे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप
वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में प्रतिवर्ष आयोजित 19 किलोमीटर की दौड़ को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ‘रानी दुर्गावती अंतरराष्ट्रीय मैराथन’ के रूप में 21 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाएगी। प्रतिभागियों को 21,000, 11,000 और 5,000 रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निधि से 5 लाख की राशि नगर निगम को स्वीकृत करने की घोषणा की।
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जबलपुर को मिला चिड़ियाघर और रेस्क्यू सेंटर की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के विकास की दृष्टि से दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि जबलपुर में जल्द ही 'रानी दुर्गावती जू एवं रेस्क्यू सेंटर' की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र घायल और बीमार वन्य प्राणियों के संरक्षण हेतु समर्पित होगा, जिससे वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और नारी सम्मान का उत्सव है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को जीवन की प्रेरणा बनाएं और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।