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Talk Show: नीट टॉपर्स तनाव में, शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठा, विदेश में पढ़ाई पर विचार

Sun, 23 Jun 2024 08:12 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

NEET के स्टूडेंट्स पीएम मोदी और सुप्रीम कोर्ट को लिखेंगे पत्र, सोशल मीडिया पर भी करेंगे आंदोलन, बेकसूर छात्रों को दोबारा परीक्षा दिलवाने के खिलाफ बुलंद करेंगे आवाज
 
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इंदौर के नीट पास आउट स्टूडेंट्स। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
नीट (NEET) की परीक्षा के पेपर लीक कांड के बाद देशभर में बवाल मचा हुआ है। परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग की जा रही है। अमर उजाला ने इस ज्वलंत विषय पर टॉक शो आयोजित किया। इसमें इंदौर के नीट पासआउट स्टूडेंट्स, प्रसिद्ध डॉक्टर्स शामिल हुए। सभी ने कहा कि दोबारा नीट की परीक्षा आयोजित करना गलत है। नीट के टॉपर्स को यह डर है कि फिर से परीक्षा होगी तो क्या वे फिर से टॉप कर पाएंगे क्योंकि हर दिन परिस्थितियां एक जैसी नहीं होती।

तनाव में छात्र और पैरेंट्स, देश की शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठा
अमर उजाला के टॉक शो में स्टूडेंट्स ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था से उनका भरोसा उठ गया है। हर साल बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। अब वे विदेश जाने का सोच रहे हैं। स्टूडेंट्स ने कहा कि क्या गारंटी है कि अगली बार पेपर लीक नहीं होंगे। हर बार पेपर लीक होने के बाद न तो किसी को कड़ी सजा मिलती है न ही कोई बड़ा बदलाव आता है। स्टूडेंट्स ने बताया कि वे बेहद तनाव में हैं और उनका खाने पीने में भी मन नहीं लगता। कई सिटी टॉपर्स भी परेशान हैं कि फिर से परीक्षा होगी तो क्या वे फिर से टॉप कर पाएंगे। इसलिए हम सभी को एक मंच पर जोड़ रहे हैं। 
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स्टूडेंट्स की मदर्स ने भी अपने विचार रखे। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
इंदौर से राष्ट्रीय मंच बनने की शुरुआत
अमर उजाला के टॉक शो में स्टूडेंट्स ने अपनी नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंदौर के नीट पासआउट स्टूडेंट्स देशभर के पासआउट्स स्टूडेंट्स को एकजुट कर रहे हैं। इनकी मांग है कि जिन्होंने गलती है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए लेकिन जो मेहनत से पास हुए हैं वो दोबारा परीक्षा नहीं देंगे।

विराट का बल्ला हर दिन नहीं चलता, टॉपर भी हर बार टॉप नहीं करता
शहर के नीट टॉपर्स ने कहा कि हर दिन एक जैसा नहीं होता। विराट कोहली जैसा शानदार बल्लेबाज भी हर मैच में शतक नहीं मार सकता। यह भी जरूरी नहीं कि अगली बार परीक्षा के समय सब कुछ सामान्य रहे। किसी स्टूडेंट की तबियत बिगड़ सकती है किसी के घर पर कोई परेशानी आ सकती है। जो स्टूडेंट इस बार टॉपर बना है अगली बार वह कम नंबर पर आ सकता है। इसलिए दोबारा परीक्षा पास हो चुके छात्रों के साथ अन्याय है। 
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शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर्स ने भी अपने विचार रखे। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
पैरेंट्स बोले हम परिवार की शादियों में नहीं गए, नौकरियां छोड़ी
टॉक शो में पहुंचे पासआउट स्टूडेंट्स के पैरेंट्स भी परेशान दिखे। सभी ने कहा कि हमने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए दिनरात समझौते किए। पैरेंट्स ने कहा कि हम परिवार की शादियों में नहीं गए, कुछ मदर्स ने बताया कि उन्होंने अपनी नौकरियां छोड़ी और दिनरात बच्चों की पढ़ाई पर फोकस किया। जब रिजल्ट आया और बच्चे अच्छे नंबरों से पास हुए तो सभी खुश थे। अब सभी तनाव में हैं कि कल पता नहीं क्या होगा। 

पीएम मोदी और सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखेंगे छात्र
स्टूडेंट्स ने कहा कि देशभर के स्टूडेंट्स को एकजुट करके वे सुप्रीम कोर्ट और पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। इसमें मांग करेंगे की दोबारा परीक्षा नहीं होना चाहिए। इसके साथ वे सोशल मीडिया पर भी इसके लिए कैंपेन शुरू करेंगे। 

शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर्स ने भी अपने विचार रखे
शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर्स ने अपने विचार रखे और कहा कि कड़े कानून बनना चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लगातार देश में पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यदि इसी तरह चलता रहा तो देश के युवाओं का देश की शिक्षा व्यवस्था से विश्वास ही उठ जाएगा। 
 

अमर उजाला पैनल

नीट के पास आउट छात्र
अवनीश मेहता, आयुष पाहूजा, अर्णव पांडे, यश मेहता, ऋषि शुक्ला, शयान अहमद, गौरी अग्रवाल, कनिष्क राज सिंह देवड़ा

शहर के प्रमुख डॉक्टर्स
डॉ अजीत सिंह देवड़ा, डॉ निर्भय मेहता, डॉ रजनीश मेहता, डॉ सगीर अहमद, डॉ विनीत पांडे, डॉ अनिल पाहूजा, डॉ भूपेंद्र सिंह शेखावत, डॉ जीवन अग्रवाल

नीट पासआउट स्टूडेंट्स की मदर्स
डॉ प्रियंका पांडे, ज्योति पाहूजा, वीणा शुक्ला, चंद्रश्री अग्रवाल, श्रद्धा देवड़ा, स्मिता मेहता
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