इंदौर से लगातार आठ बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन को सबने रिटायर मान लिया था। 2019 के बाद से उनकी सक्रियता भी सीमित ही थी। 2023 के विधानसभा चुनावों से एक साल पहले अचानक उनकी सक्रियता चर्चा में है।
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पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंदौर एयरपोर्ट पर सुमित्रा महाजन ने स्वागत किया था।
- फोटो : ANI
लगातार आठ बार इंदौर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सुमित्रा महाजन शहर से जुड़े मुद्दों पर फिर मुखर होने लगी है। हाल ही में उन्होंने मध्य क्षेत्र में मेट्रो ट्रेन के रूट को लेकर विरोध जताया और व्यापारियों के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी तक दे दी। राजनीतिक हलकों में शहर के मामले में ताई की अचानक बढ़ी सक्रियता की चर्चा में है।
लोकसभा स्पीकर का कार्यकाल पूरा होने के बाद उम्र के मापदंड के कारण भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में ताई को टिकट नहीं दिया था। तब ताई थोड़ी निराश हो गई थी और राजनीतिक मामलों में कम रुचि लेने लगी थी। बीते दो माह से वे ज्यादा सक्रिय हैं। खासकर तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र के कुछ प्रोजेक्ट्स पर उनका ध्यान ज्यादा है। उनके आग्रह पर ही नगर निगम ने पुराने मराठी स्कूल के स्थान पर कला संकुल बनाया और अब कोठारी मार्केट, राजवाड़ा के मेट्रो रुट को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है। इसके बाद मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव को ताई से मिलने इंदौर आना पड़ा।
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इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट पर आपत्ति ली तो अधिकारियों को मिलने सुमित्रा ताई के घर जाना पड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
तीन नंबर विधानसभा में विशेष रुचि
दरअसल, तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र ताई का गृह क्षेत्र रहा है। उन्होंने यहां से एक बार विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। यहां के मराठीभाषी वोटरों में ताई का प्रभाव भी है। वे खासकर होलकर राजवंश से जुड़े मुद्दों पर भी इसलिए रुचि लेती है, ताकि मराठीभाषी वोटबैंक पर उनका प्रभाव बना रहे। जब ताई सांसद थी तो विधानसभा चुनाव में विधानसभा सीटों के टिकट में काफी दखल रखती थी। हालांकि, अब वे सांसद नहीं हैं। ऐसे में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में शहर की कुछ विधानसभा सीटों के टिकट चयन में उनकी राय को महत्व मिले, इसलिए उन्होंने अभी से सक्रियता बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री ने ताई को भोपाल लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा था।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री से मिलने भोपाल भी गई थी ताई
शहर में ताई अहिल्याबाई का स्मारक बनवाना चाहती है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन को दो स्थानों पर जमीन भी बताई है। इसके लिए एक ट्रस्ट बनाने की घोषणा भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। बाद में इस मामले में अफसरों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। स्मारक के विषय में उन्होंने मुख्यमंत्री से फोन पर चर्चा की थी, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें भोपाल मिलने बुलाया और उनके लिए भोपाल से हेलीकाप्टर भी भेजा गया था।