इंदौर में इस समय भाजपा सभी 9 सीटों पर आगे चल रहे हैं। वैसे प्रदेश भर की नजरें इंदौर 1 नंबर और राऊ की सीट पर टिकी हैं। इंदौर-1 में कैलाश विजयवर्गीय बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं जीतू पटवारी हार गए हैं। नौ की नौ सीट पर भाजपा जीती है।
इंदौर में इस समय भाजपा सभी 9 सीटों पर आगे चल रहे हैं। वैसे प्रदेश भर की नजरें इंदौर 1 नंबर और राऊ की सीट पर टिकी हैं। इंदौर-1 में कैलाश विजयवर्गीय की बड़ी जीत हुई है। वहीं जीतू पटवारी हार गए हैं। कुछ देर पहले संजय शुक्ला और जीतू पटवारी मतगणना स्थल से रवाना हो गए हैं।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आने वाली इंदौर-1 सीट भी चर्चित सीटों में शुमार है। यहां सत्ताधारी भजपा की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय उम्मीदवार बने थे। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक संजय शुक्ला को प्रत्याशी घोषित किया था। कैलाश विजयवर्गीय ने यहां से बड़ी जीत हासिल की है।
बता दें कि 2008 में हुए विधनसभा चुनाव में सुदर्शन गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी को 8,183 वोटों से विजय दिलाई थी। इसके बाद 2013 में भाजपा के सुदर्शन गुप्ता ने फिर जीत दर्ज की और अबकी बार जीत का अंतर 54,176 वोटों का था। वहीं पिछले मुकाबले में भाजपा के विजय रथ को रोकते हुए कांग्रेस ने सीट को अपने नाम किया। कांग्रेस की ओर से संजय शुक्ला ने 8,163 वोटों से जीत अर्जित की थी।
राऊ विधानसभा से जीतू पटवारी और मधु वर्मा पुराने प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।
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राऊ
इंदौर की दूसरी हॉट सीट राऊ विधानसभा सीट रही। यहां से सीट से पूर्व मंत्री जीतू पटवारी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। उनके सामने भाजपा से मधु वर्मा थे। हालांकि यहां उलटफेर हुआ है। जीतू पटवारी यहां से हार चुके हैं। भाजपा के मधु वर्मा ने जीत दर्ज की है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में जब कांग्रेस नेता कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे तो जीतू को युवा और खेल मामलों का मंत्री बनाया गया था। जीतू पटवारी को अगली पीढ़ी का नेता और कमलनाथ के बाद उभरता विकल्प माना जा रहा था, लेकिन उनकी खिसकती राजनीतिक जमीन कांग्रेस पार्टी के लिए तगड़ा झटका मानी जा रही है। जीतू पटवारी इंदौर के समृद्ध किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।