इंदौर में हाल ही में हुई सनसनीखेज घटना में एक महिला का शव टुकड़े टुकड़े में दो अलग अलग ट्रेनों में मिला था। पुलिस महिला की पहचान के लिए लगातार टीमें बनाकर जांच कर रही है। अब जाकर महिला की शिनाख्त हो सकी है। हालांकि, हत्यारे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
महिला के हाथ पर मीराबेन और गोपाल भाई का नाम लिखा मिला था। पुलिस ने आस-पास के क्षेत्र में गुम हुई 50 महिलाओं की जांच की तो इनमें से एक का नाम मीरा बाई निकला, इसके बाद उसकी पहचान हो गई। वह रतलाम जिले के बिलपांक थाना इलाके के मऊ गांव की रहने वाली थी।
डीएनए जांच भी होगी
इंदौर और ऋषिकेश रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के कोच में उक्त महिला की लाश के टुकड़े मिले थे। जानकारी के मुताबिक 6 जून को मीराबेन पति से विवाद होने के बाद घर से चली गई थी। परिजन कुछ दिन उसका इंतजार करते रहे। इसके बाद 12 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई। पुलिस के अनुसार महिला की दो बेटियां हैं और उन्होंने हाथ में गुदे नाम, कपड़े और बिंदी से मां को पहचान लिया। पुलिस अब डीएनए जांच भी करवाएगी।
मीराबेन के परिचितों से पूछताछ
इंदौर स्टेशन के यार्ड में 8 जून को नागदा-महू पैसेंजर ट्रेन में बैग में महिला के अंग मिले थे, इसके बाद 9 जून को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर खड़ी इंदौर-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस में शव के बाकी अंग मिले। जानकारी के मुताबिक ये दोनों ही ट्रेनें एक ही समय पर उज्जैन रेलवे स्टेशन पर खड़ी थीं। इससे आशंका है कि हत्यारों ने वहीं दोनों ट्रेनों में इन्हें रखा। पुलिस ने इस मामले में मीराबेन से बात करने वाले 40 संदेहियों से भी पूछताछ की है।
हत्यारों को पहचानने के लिए जांच
अब पुलिस के सामने हत्यारों को पहचानने की चुनौती है। इसके लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं। इंदौर और आसपास के जिलों में भी जांच की जा रही है। चूंकि महिला का शव ट्रेन में मिला है, इसलिए पुलिस का मानना है कि हत्यारे इंदौर या इंदौर के आसपास के भी हो सकते हैं।