महालक्ष्मी मंदिर में दिवाली के मौके पर की गई विशेष सजावट
- फोटो : सोशल मीडिया
दिवाली पर होता है पांच दिन उत्सव
हर साल दीपावली के मौके पर मंदिर में 5 दिवसीय महोत्सव होता है। धनतेरस से शुरू होकर ये महोत्सव भाईदूज पर पूरा होता है। इस मौके पर यहां लाखों दर्शनार्थी मंदिर पहुंचते हैं। दिवाली के दिन मंदिर के पट सुबह तीन बजे खोल दिए जाते हैं। 11 पंडित मां लक्ष्मी का विशेष अभिषेक करते हैं और फिर श्रृंगार के बाद माता की महाआरती की जाती है। हालांकि इस बार ग्रहण के चलते चार दिन ही दीपोत्सव मनाया जा रहा है।
ये भी पढें: Diwali 2022: यहां 1100 वर्षों से विराजमान हैं धन की देवी मां लक्ष्मी, औरंगजेब ने इस मंदिर पर किया था आक्रमण
पीले चावल देकर आमंत्रित करते हैं भक्त
दिवाली के मौके पर भक्त मंदिर पहुंचकर माता लक्ष्मी को पीले चावल देकर अपने घर आने का आमंत्रण देते हैं। भक्त मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हैं कि हमारे घर पधारें और सुख-समृद्धि का आशीष दें। भक्त मंदिर में जो चावल चढ़ाते हैं, उनमें से कुछ चावल मन्नत के रूप में अपने साथ ले जाते हैं और फिर उसे घर की तिजोरी और दुकान के गल्ले में रखते हैं ताकि वर्षभर बरकत बनी रहे। बताया जाता है कि यह सिलसिला मंदिर की स्थापना के बाद से लगातार जारी है।