वायु प्रदूषण भविष्य की सबसे बड़ी चिंता है और अगर हम समय रहते नहीं चेते तो आगे बहुत मुश्किल होगी। यह बात इंदौर में वायु की गुणवत्ता पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कही। कार्यशाला में शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार एवं इसकी प्रगति के संबंध में सभी ने अपने विचार रखे। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यशाला में म.प्र. शासन के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने कहा कि वायु की गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी को मिलकर काम करना पड़ेगा। किसी एक विभाग या इंसान के प्रयास से यह काम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार वायु प्रदूषण को कम करने और वायु की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए कई तरह की नीतियां ला रही है लेकिन हमें भी इसका महत्व समझना होगा। जितना हो सके कम से कम वायु प्रदूषण करना होगा। गुलशन बामरा ने कहा कि शहरों में वायु प्रदूषण के स्त्रोत के बारे में आमजन को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि आमजन का सहयोग शहर के वायु गुणवत्ता सुधार में प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम में आए शहर के प्रबुद्धजन।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
कई विभागों ने मिलकर किया कार्यक्रम
कार्यक्रम में डब्ल्यू.आर. आई. इंडिया द्वारा म.प्र. राज्य में विभिन्न नॉन अटेनमेंट शहरों में की जा रही सोर्स अपोर्समेंट स्टडी के बारे में व्याख्यान दिया गया। कार्यशाला में नगर पालिक निगम के आयुक्त शिवम वर्मा ने इंदौर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में पुलिस, कृषि, खाद्य, परिवहन, यातायात पुलिस इत्यादि विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन एस.एन. द्विवेदी, क्षेत्रीय अधिकारी, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इंदौर एवं उनके कार्यालय के सहयोगियों द्वारा किया गया। आयोजन में बोर्ड के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। एस.एन. द्विवेदी, क्षेत्रीय अधिकारी, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।