इंदौर के समीप पेडमी की गोशाला में सौ से ज्यादा गायों की मौत का मामला सामने आया है। अधिकांश मृत गायों के शव कंकाल में बदल गए थे जिनको गिद्ध व अन्य जीव नोंच रहे थे। गोशाला प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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गोशाला के पीछे इस तरह पड़े हुए थे गायों के कंकाल
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रदेश की गोशालाओं की क्या स्थिति है इसकी बानगी कुछ दिन पहले भोपाल के बैरसिया में दिखी थी जहां गायों की मौत पर हंगामा हुआ था। ऐसा ही कुछ इंदौर में हुआ है जहां पेडमी स्थित गोशाला में करीब सौ से ज्यादा गायों के शव मिले हैं। अधिकांश शव कंकाल में बदल चुके हैं। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है तो कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक इंदौर से करीब तीस किमी दूर पेडमी में अहिल्या माता जीवदया ट्रस्ट की गोशाला है। इस गोशाला में सैकड़ों गायें मृत मिलीं हैं। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के निरीक्षण के बाद यह मामला उजागर हुआ। गोशाला के पीछे करीब सौ से ज्यादा गायें मृत मिलीं, जिसके बाद हंगामा हुआ। इस मामले में पुलिस ने गौसेवक संघ के मनोज तिवारी की रिपोर्ट पर गोशाला के प्रबंधक अशोक पस्तार के खिलाफ केस दर्ज किया है। गोशाला के पीछे खाली मैदान में मृत गायों के कंकाल पड़े थे।
मनोज तिवारी ने पुलिस को बताया कि बुधवार को वे अपने साथियों के साथ अहिल्या माता गोशाला में गोसेवा के लिए गए थे। पीछे जाकर देखा तो होश उड़ गए। वहां करीब डेढ़ सौ गायों के कंकाल पड़े हुए थे। गोशाला प्रबंधन से घटना के बारे में पूछा और कंकालों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए। इसके बाद मामला गर्माया और देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ मौके पर लग गई। पुलिस भी पहुंची। इंदौर से अधिकारी पहुंचे और प्रबंधक अशोक व चौकीदार लक्ष्मण से पूछताछ की।
चौकीदार ने पुलिस को बताया कि गोशाला में उन गायों को लाया जाता है जो बीमार और कमजोर होती हैं और ग्रामीण जंगलों में छोड़ देते हैं। मरने के बाद गायों के शव मैदान में फिंकवा देते हैं। गोशाला से जब्त रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में 257 गाय, 143 केड़ियां, 116 केड़े (बछड़े), 6 नंदी और 11 बैल हैं। गोशाला में बने चिकित्सालय में कई गायें हैं। उसमें पांच गायें गंभीर हैं। एक गाय के पैर में पट्टा भी बंधा हुआ था। पुलिस के अनुसार ट्रस्ट में रामेश्वरलाल असावा (अध्यक्ष), प्रकाशचंद्र सोडानी (मंत्री), पुरुषोत्तमदास पसारी (कोषाध्यक्ष), न्यासीगण लक्ष्मीनारायण कसेर, एमसी रावत, गिरधर गोपाल नागर, गोपालदास मित्तल, हंसराज जैन, देवेंद्र कुमार मुछाल, शंकरलाल अग्रवाल शामिल हैं।
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गोशाला में पड़ी मृत गाय
- फोटो : सोशल मीडिया
आदर्श गोशाला का मिला था पुरस्कार
जिस गोशाला में यह सब हुआ है उसे आदर्श गोशाला का पुरस्कार भी मिल चुका है। रिकॉर्ड के अनुसार यहां गायों की देखभाल के लिए 17 कर्मचारी नियुक्त हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि चार या पांच लोग ही काम करते नजर आते हैं। यहां बीमार और बुजुर्ग गायों की देखभाल के लिए छोड़ने वाले पहली बार में 2000 रुपए की रसीद कटवाते हैं। बाकी खर्च चंदे और सरकार से मिलने वाले फंड से ही चलता है। बताया जा रहा है कि पिछले साल राज्य सरकार ने इस गोशाला को दो करोड़ रुपए का अनुदान भी दिया था। गोशाला से 21 गाय के जियो टैग बरामद किए हैं, जिन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। गोसेवक संघ के तिवारी ने बताया कि गोशाला में गायों के बुरे हाल है। उनकी देखभाल नहीं की जा रही है। खाने के भी इंतजाम नहीं किए गए हैं। मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी मवेशियों के शव का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने की बात कही है।
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गोशाला में बंधी अन्य गायें
- फोटो : सोशल मीडिया
अधिकारियों ने क्या देखकर बनाई रिपोर्ट
इस मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि जनवरी में भोपाल के बैरसिया में हुई गायों की मौत के बाद पेडमी की अहिल्या माता जीवदया मंडल स्थित गोशाला में अफसरों ने दौरा कर रिपोर्ट बनाई थी। गोशाला की व्यवस्था व गायों की देखभाल की तो जांच की लेकिन यह नहीं देखा कि पास में ही कंकाल पड़े हैं। गुरुवार को मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच की बात कही। अहिल्या माता जीवदया मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष रामेश्वर लाल आसावा ने कहा कि वे मृत गायों को मजदूरों से बाहर फिंकवा देते थे। यहां ज्यादातर गाय वृद्ध,कमजोर और बिमार अवस्था में ही आती थी। ग्रामीण उन्हें छोड़ कर चले जाते थे।
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मृत गायों के शवों को कुत्ते, गिद्ध नोंच रहे थे
- फोटो : सोशल मीडिया
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
पेडमी की गोशाला में गायों की मौत की घटना प्रकाश में आने पर कलेक्टर मनीष सिंह ने एसडीएम प्रतुलचंद्र सिन्हा को जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि गोशाला में रखरखाव चिकित्सा और अन्य सभी प्रबंधों की छानबीन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह संज्ञान में आया है कि इस गोशाला में आस पास के गांवों से बीमार और बूढ़ी गायों को उपचार के लिए रखा जाता था। अनेक गायों के पेट में बड़ी मात्रा में पॉलीथीन भी मिलती रही है। कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि उप संचालक पशु चिकित्सा के साथ मौक़े पर जाकर जांच करें। मृत गायों के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया जाए।
ये लोग शामिल है गोशाला के ट्रस्ट में
- फोटो : सोशल मीडिया
पूर्व सीएम कमलनाथ ने उठाए सरकार पर सवाल
इस मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश के भोपाल के बैरसिया में सैकड़ों गोमाताओं की मौत के बाद सरकार ने गोशालाओं की समीक्षा, गोमाता के भरण पोषण के इंतज़ाम के बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन उसके बाद भी प्रदेश में गोमाताओं की मौतें निरंतर जारी है।
अब इंदौर जिले के पेडमी में सैकड़ों गौमाताओं के शवों की तस्वीरें सामने आई है , शव कंकाल बन चुके हैं ,उन्हें जानवर नोच कर खा रहे हैं। हमारी सरकार में हमने प्रयास किया था कि प्रदेश में गोमाता के संरक्षण व संवर्धन का काम तेजी से हो ,इसके लिए हमने एक हजार गोशालाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया था। गोमाता के चारे की राशि को बढ़ाया था लेकिन जब से प्रदेश में वापस से शिवराज सरकार आई है, भूख -प्यास से दम तोड़ती व उचित देखभाल के अभाव में गोमाताओं की मौतों की तस्वीरें लगातार सामने आ रही है। यह कैसी धर्म प्रेमी सरकार जो गोमाताओं को सुरक्षा देने में नाकारा साबित हुई है। शिवराज सरकार को प्रदेश में गोमाता के संरक्षण व संवर्धन के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए व ऐसी घटनाओं के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करना चाहिए।