कूनो नेशनल पार्क में सफारी करने वाले पर्यटक अब चीतों को भी देख सकेंगे। 17 सितंबर को नामीबिया से आए जिन आठ चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिलीज किया था, उनमें से दो चीतों को शनिवार को खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। इसमें एक नर चीता और दूसरी मादा चीता। इनके नाम ओवान और आशा बताए जाते हैं। आशा नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही रखा था।
भारत में 70 साल बाद चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट चीता के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर आठ चीतों को रिलीज किया था। इन चीतों को पहले तो एक से डेढ़ महीने तक छोटे क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया। वहां उन्हें भैंसे का मीट खिलाया गया। फिर एक-एक कर इन चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया, जहां उनके खाने के लिए चीतल जैसे जानवरों को छोड़ा गया था। अब इनमें से दो चीतों को खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। इन्हें रेडियो कॉलर लगाया हुआ है और विशेषज्ञों की टीम इनकी हर हरकत पर नजर रखेगी। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है जब चीतों का सामना अपने से बड़े तेंदुओं या शेर से होगा, तब उनकी प्रतिक्रिया क्या रहती है।