अपने प्रमाण पत्र दिखाते विजय
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दूसरे खिलाड़ी नहीं दिखा पाते थे अपनी प्रतिभा
नेशनल खिलाड़ी विजय को पढ़ाने वाले तेजगढ़ हाईस्कूल में पदस्थ शिक्षक संतोष प्रधान बताते हैं कि विजय टीम में खेलते थे तो पूरे संभाग में टीम का दबदबा रहा था। अन्य टीमों के खिलाड़ी डरते थे। अपना हुनर नहीं दिखा पाते थे। विजय को हमेशा टीम में रखा गया। इसके बाद भी वह मजदूरी करने को मजबूर है। दुख होता है कि उसे रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका। शासन की किसी योजना का लाभ भी उसे नहीं मिला। दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने कहा कि मैं इसकी जानकारी मंगवाता हूं। जो भी हो सकेगा, मदद की जाएगी। वहीं, जिला खेल अधिकारी सैफुल्लाह खान ने कहा कि हमारा विभाग युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाता है। विजय अब 35 वर्ष के हैं। विभाग से उनकी मदद नहीं हो सकती।