फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganga Dussehra 2023: उज्जैन में लहराई सनातन की पताका, साधु-संतों ने निकाली पेशवाई, किया स्नान

Tue, 30 May 2023 12:14 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

मध्यप्रदेश के उज्जैन में गंगा दशहरे पर साधु-संतों ने पेशवाई निकाली। गाजे-बाजे के साथ नीलगंगा के देवता का स्नान किया। फिर खुद नीलगंगा सरोवर में स्नान किया। 
 
विज्ञापन
1 of 2
गंगा दशहरे पर पूजन करते साधु-संत। - फोटो : अमर उजाला
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी गंगा दशहरे पर उज्जैन में जूना अखाड़ा घाट नीलगंगा सरोवर पर चारों ओर सनातन की ध्वज पताका लहराई। मंगलवार सुबह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज और श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक महंत हरिगिरी महाराज ने वर्षों की परंपरा का निर्वहन किया। पहले भव्य पेशवाई निकाली गई। फिर सैकड़ों साधु-संतों के साथ नीलगंगा सरोवर में जूना अखाड़ा नीलगंगा के देवता को स्नान कराया गया। फिर नीलगंगा सरोवर में उन्होंने स्नान किया। 

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा नीलगंगा सरोवर पर हर साल गंगा दशहरे पर शाही स्नान, पेशवाई, अभिषेक पूजन और महाआरती के साथ ही भंडारे का भव्य आयोजन होता है। मंगलवार सुबह भी नीलगंगा स्थित जूना अखाड़ा शिवांजलि गार्डन से ध्वज पूजन के साथ पेशवाई की शुरुआत हुई। साधु-संतों ने शस्त्रों के साथ अपना कौशल दिखाया। घोड़े और बग्गी में सवार होकर महामंडलेश्वर निकले। पेशवाई प्रमुख मार्गों से होती हुई जूना अखाड़ा नीलगंगा सरोवर । वहां साधु-संतों ने शाही स्नान किया। 


विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
उज्जैन में गंगा दशहरा पर पेशवाई निकाली गई। - फोटो : अमर उजाला
2017 से मन रहा है नीलगंगा घाट पर गंगा दशहरा
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा ने सिंहस्थ 2016 के बाद 2017 से नीलगंगा स्थित जूना अखाड़ा घाट पर गंगा दशहरा उत्सव की शुरुआत की थी। इसका निर्वहन बखूबी किया जा रहा है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक महंत हरिगिरी महाराज ने बताया कि जूना अखाड़ा 2017 से लगातार नीलगंगा घाट पर गंगा दशहरा पूजन पर्व मना रहा है। इस वर्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव रविंद्र पुरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी महाराज के सानिध्य में महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्र आनंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर साध्वी चेतना गिरी माताजी, महामंडलेश्वर साध्वी श्रद्धा गिरी माताजी, महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी गुजरात सहित जूना अखाड़ा, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आव्हान अखाड़ा श्री पंचायती अग्नि अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, नया उदासीन अखाड़ा, निर्मल अखाड़ा सहित अन्य अखाड़ों के संत-महंत नीलगंगा सरोवर में शाही स्नान में शामिल हुए। इसके बाद सिहंस्थ पड़ाव स्थल नीलगंगा से पेशवाई प्रारंभ हुई जो नीलगंगा चौराहा होते हुए जूना अखाड़ा घाट पहुंची। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों और शिप्रा शुद्धिकरण के मुद्दे को लेकर सिहस्थ पड़ाव स्थल नीलगंगा पर बैठक प्रारंभ हुई। इसमें सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल हुए 

शाम को महाआरती और विशाल भंडारा
मंगलवार शाम को मां नीलगंगा की महाआरती के साथ ही संतों ओर भक्तजनों का विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है। इंदौर से आए संगीत दल की शिव स्तुति एवं निनाद नृत्य अकादमी की बालिकाओं की ओर से गंगा स्तुति की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। गंगा दशहरा महोत्सव में मां नीलगंगा को 108 फीट की चुनरी अर्पण की जाएगी। इस दौरान भव्य आतिशबाजी भी होगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें