छिंदवाड़ा में अनंत चतुदर्शी के दूसरे दिन प्रतिमाओं का विसर्जन करना तय किया गया था। प्रमुख तौर पर तीन प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग-अलग शोभायात्राएं निकाली गईं।
विज्ञापन
1 of 3
लालबाग के बादशाह और मोहन नगर के राजा की प्रतिमा आमने सामने आ गईं।
- फोटो : सोशल मीडिया
छिंदवाड़ा में शनिवार को गणेश विसर्जन किया गया। शोभायात्रा निकाली गई। उस वक्त माहौल और भक्तिमय हो गया जब लालबाग के बादशाह और मोहन नगर के राजा की प्रतिमा आमने सामने आ गईं। देर शाम तक प्रतिमाओं का चल समारोह चलता रहा।
विज्ञापन
2 of 3
लालाबाग का बादशाह
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि छिंदवाड़ा में अनंत चतुदर्शी के दूसरे दिन प्रतिमाओं का विसर्जन करना तय किया गया था। प्रमुख तौर पर तीन प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग-अलग शोभायात्राएं निकाली गईं। लालबाग के बादशाह, मोहन नगर के राजा और छिंदवाड़ा के महाराजा के नाम से प्रसिद्ध गणेश प्रतिमाएं विराजित की गई थीं। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़े। चारों तरफ गणपति बप्पा मोरिया के जयघोष सुनाई दे रहे थे।
चंदनगांव में विशेष रूप से एक परिवार ने अपने बप्पा को बैलगाड़ी में बैठाकर विदा किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
लालबाग के बादशाह और मोहन नगर के राजा की शोभायात्राएं आमने-सामने आने पर भक्ति मय माहौल हो गया। हालांकि ऐसा संयोग प्रतिवर्ष होता है। उधर शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्यक्रम आज दूसरे दिन भी चलता रहा जिसमें मुख्य रूप से छोटा तालाब और कुलबेहरा नदी में प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। इन विसर्जन स्थल पर प्रशासन के द्वारा के्रन की व्यवस्था की गई थी। जहां सभी श्रध्दालु भक्तों से प्रतिमाओं को लेकर के्रेन के माध्यम से यहां बनाए गए कुंड में प्रतिमाएं विसर्जित की गई।