आज देश में खेलों को लेकर एक नया दौर शुरू हुआ है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'खेलो इंडिया' जैसी दूरगामी सोच और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निरंतर नए अवसर मिल रहे हैं। खेलों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से अपनी पहचान बनाता हुआ नजर आ रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। मध्यप्रदेश में बेहतर सुविधाएं मिलने से राष्ट्रीय खेल हॉकी की तरफ भी युवा आकर्षित हो रहे हैं। यहां मौजूद खेल एकेडमी, अच्छे मैदान और सरकार के प्रोत्साहन की बदौलत मध्यप्रदेश में हॉकी की नई पीढ़ी तैयार हो रही है।
मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा आज हर क्षेत्र में अपने हुनर का जलाव बिखेर रहे हैं। खेल जगत में भी इस प्रदेश की मिट्टी सोना बनकर चमक रही है। उपलब्ध संसाधनों, बेहतर कोच और अच्छी सुविधाओं ने राज्य के खिलाड़ियों को ऐसा माहौल दिया है कि वे जी-जान से देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रदेश का युवा आज राष्ट्रीय खेल हॉकी की तरफ आकर्षित हो रहा है। बल्कि ओलंपिक, एशियन गेम्स समेत बड़ी प्रतिस्पर्धाओं में पदक लाने का ख्वाब देख रहा है। खिलाड़ियों की इस मेहनत और सपनों को मध्यप्रदेश सरकार की कोशिशें पंख लगा रही हैं। यहां देश में सबसे अधिक एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान है। राज्य सरकार के प्रयासों की वजह से भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, गुना, मंदसौर, दमोह, सिवनी, नर्मदापुरम में एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध हैं।