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MP स्वास्थ्य विभाग का कारनामा: विवादों के बावजूद डॉ. पराशर को तकनीकी CGMT की जिम्मेदारी, नियुक्ति पर उठे सवाल

Tue, 07 Jul 2026 06:37 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन में तकनीकी सीजीएमटी के पद पर डॉ. पंकज पराशर की दोबारा नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निजी कंपनी से कथित जुड़ाव, खरीद प्रक्रिया से जुड़े मामले में ईआडब्ल्यू में जांच और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 
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सीजीएमटी के पद पर डॉ. पंकज पराशर दोबारा नियुक्ति की - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन (एमपीपीएचएससीएल) में तकनीकी मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएमटी) के पद पर डॉ. पंकज पराशर की दोबारा नियुक्ति ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. पराशर का नाम पहले भी निजी कंपनी से कथित जुड़ाव और खरीद प्रक्रिया से जुड़े विवादों में सामने आ चुका है। इसके बावजूद उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। करीब दो वर्ष पहले एक टीवी कार्यक्रम में डॉ. पराशर ने स्वयं को इंदौर की एक निजी मेडिकल डिवाइस कंपनी का संस्थापक (फाउंडर) बताया था। इसके बाद शिकायत की गई थी कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी निजी कंपनी से जुड़ाव सेवा नियमों के विपरीत हो सकता है। हालांकि, इस शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, यह सार्वजनिक नहीं किया गया।

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2023-24 की खरीद प्रक्रिया भी विवादों में
डॉ. पराशर के पिछले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2023-24 में मेडिकल सामग्री की खरीद से जुड़ा एक मामला भी सामने आया था। इस मामले में आरोप है कि एक फर्म को कथित तौर पर कंपनी के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रेट कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया। इस मामले में संबंधित कंपनी ने ई-मेल के माध्यम से दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के उलट पराशर पर उसको दबाने के आरोप हैं। इस मामले की जानकारी वर्तमान अपर मुख्य सचिव और आयुक्त को भी दी गई, लेकिन शिकायत की जांच करने के बजाए डॉ. पराशर को दोबारा तकनीकी सीजीएमटी की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस मामले में ईओडब्ल्यू भी जांच कर रहा हैं। ईओडब्ल्यू की तरफ से मामले में संबंधित पक्षों को नोटिश जारी कर जवाब मांगा गया है। 

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डॉ. पंकज पराशर को मिला सर्टिफिकेट - फोटो : अमर उजाला
नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
नई नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। नियुक्ति आदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग की संचालक द्वारा जारी किया गया है। चर्चा इस बात की है कि आदेश में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (एमडी) को प्रति तक नहीं भेजी गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस संस्था में अधिकारी की पदस्थापना की जा रही है, क्या उसकी सहमति या अनुशंसा ली गई थी? साथ ही यह भी चर्चा का विषय है कि यदि अधिकारी की प्रतिनियुक्ति चिकित्सा शिक्षा विभाग से हेल्थ कॉर्पोरेशन में की गई है, तो क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमोदन लिया गया था और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनाई गई या नहीं। 

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यह पद क्यों महत्वपूर्ण है?
एमपीपीएचएससीएल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों, मेडिकल उपकरण, मशीनों और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की केंद्रीय खरीद एजेंसी हैं। इसमें तकनीकी सीजीएमटी का सीधा संबंध करोड़ों रुपए की खरीद, टेंडर, तकनीकी स्वीकृति और उपकरणों की गुणवत्ता से होता है। इसलिए इस पद पर बैठा अधिकारी कॉर्पोरेशन की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होता है। तकनीकी सीजीएमटी के काम में टेंडर की तकनीकी शर्तें तैयार करना और उनकी जांच करना, तकनीकी समिति में अहम भूमिका, मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता, मानकों और तकनीकी परीक्षण से जुड़े निर्णय लेना, गुणवत्ता नियंत्रण और खरीद प्रक्रिया के लिए तकनीकी सहला देना साथ ही मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता, मानकों और तनीकी परीक्षण से जुड़े निर्णय लेना होता है। अब इस पद पर यदि किसी की नियुक्ति विवादों के बीच होती है तो तकनीकी निर्णयों की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं। 

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आयुक्त, एससीएस और डॉ. पंकज पराशर ने साधी चुप्पी
इस मामले को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त धनराजु एस, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और सीजीएमटी बनाएं गए डाॅ. पंकज पराशर से बात करने का प्रयास किया। उनको संबंधित मामले में प्रश्न भी भेजी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 

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कॉर्पाेरेशन के एमडी से बात करें
वहीं, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार से उनके द्वारा कॉर्पाेरेशन में नियुक्ति का आदेश जारी करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि नियुक्ति शासन से हुई। उनके द्वारा आदेश जारी किया गया है। मंत्री का अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को लेकर आप मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी से बात कर लीजिए। 

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मुझे जानकारी नहीं : एमडी
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी मयंक अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई शिकायत है तो उसकी जांच आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं ही करेंगे। जहां तक अनुमोदन का सवाल है तो वह लिया गया होगा। उसकी मुझे जानकारी नहीं हैं।
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