फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी सुगम यात्री परिवहन सेवा: बस में सीसीटीवी-पैनिक बटन, लाइव लोकेशन भी दिखेगी; कमांड सेंटर से होगी निगरानी

Thu, 24 Sep 2026 08:44 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने जा रही है। बसों में सीसीटीवी, पैनिक बटन और लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं होंगी, जबकि कमांड सेंटर से हर बस पर नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
1 of 2
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में 25 सितंबर से सुगम यात्री परिवहन की दिशा में नया अध्याय लिखा जाएगा। 21 वर्षों के बाद फिर सार्वजनिक परिवहन सेवा की तरफ सरकारी नियंत्रण में गांव से शहरों तक बसें दौड़ती नजर आएंगी। मध्यप्रदेश में शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे। इससे यात्रियों को बस की लाइव लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी और आपात स्थिति में तत्काल मदद मांगी जा सकेगी।

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: एक बस, चार राज्यों के कागज और छह राज्यों का नेटवर्क; यमुना हादसे का एमपी से जुड़ा लिंक सामने आया

हर साल बढ़ाई जाएंगी 2,500 से 3,000 बसें
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पहले वर्ष यह लक्ष्य 1,500 बसों के संचालन का होगा। इसके बाद प्रतिवर्ष लगभग 2,500 से 3,000 बसें बढ़ाई जाएंगी।  

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: एमपी भाजपा के नए संगठन महामंत्री होंगे चंद्रशेखर, हितानंद की वापसी से खाली था पद; जानें कौन हैं

 
विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
सीएम ने ली बसों की जानकारी - फोटो : अमर उजाला
पीपीपी मॉडल पर होगा बसों का संचालन
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। ये बसें आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगी और सुरक्षा की दृष्टि से अनुकूल रहेंगी। जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी। इस मॉडल अंतर्गत निजी बस ऑपरेटरों को विज्ञापन एवं कार्गो सेवाओं जैसे नॉन-फेयर रेवेन्यू से आय बढ़ाने के साथ ही आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं का उपयोग करने के अवसर मिलेंगे। बस संचालन को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए निजी ऑपरेटरों को प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: पीएम मोदी ने बाइकर्स से किया संवाद, सीएम मोहन ने 35.42 लाख हितग्राहियों को दिए 212.57 करोड़

कमांड सेंटर से होगी रियल टाइम निगरानी
बसों के संचालन, उनकी लोकेशन और समयबद्धता की निगरानी के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का इस्तेमाल किया जाएगा। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों से बसों के संचालन पर नजर रखी जाएगी।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का ध्यान
नई बस सेवा में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर बस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बस के अंदर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। किसी आपात स्थिति में यात्री बस में लगे पैनिक बटन का इस्तेमाल कर तत्काल सहायता मांग सकेंगे।

ये भी पढ़ें-  भोपाल: निलंबित टीआई राजन का वीडियो वायरल, महिला अधिकारी पर ‘मिसगाइड-मिसइन्फॉर्मेशन’ का आरोप; कौन हैं वो अफसर?

मोबाइल की तरह बस की भी मिलेगी लाइव लोकेशन
हर बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जाएगा। इसके जरिए बस की लाइव लोकेशन उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को बस के संचालन और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी देने के लिए पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम भी लगाया गया है।

ड्राइवरों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
बसों का संचालन सुरक्षित और बेहतर तरीके से हो, इसके लिए चालकों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र भी विकसित किया जाएगा।

निजी ऑपरेटर भी होंगे सेवा का हिस्सा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी बस ऑपरेटरों को सेवा से जोड़ा जाएगा। सरकार के अनुसार आधुनिक तकनीक, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बस सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें