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Narmada Parikrama: मध्यप्रदेश का पर्यटन विभाग भी कराएगा नर्मदा परिक्रमा, 15 दिन का बनाया पैकेज

Tue, 08 Nov 2022 04:46 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

हर साल हजारों लोग नर्मदा नदी की परिक्रमा करते हैं। अब मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने भी नर्मदा परिक्रमा का पैकेज तैयार किया है। यह पैकेज 14 रात, 15 दिन का रहेगा। 
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नर्मदा परिक्रमा - फोटो : Amar Ujala Digital
मध्यप्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी का न केवल सांस्कृतिक महत्व है बल्कि धार्मिक महत्व भी है। हर साल हजारों श्रद्धालु इस पवित्र नदी की परिक्रमा करते हैं। मध्यप्रदेश के तीर्थ स्थल अमरकंटक से निकलकर यह नदी गुजरात में खंभात की खाड़ी में विलय हो जाती है। 
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नर्मदा नदी को प्रणाम करते पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala Digital
शास्त्रों में नर्मदा को रेवा नदी भी कहा गया है। हिंदू धर्म में नर्मदा परिक्रमा का बड़ा महत्व है। कहते हैं जिसने जीवन में एक बार नर्मदा परिक्रमा कर ली, उसने सब कुछ कर लिया। श्रद्धालुओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने नर्मदा परिक्रमा कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 
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14 दिन और 15 रात का होगा टूर पैकेज - फोटो : Amar Ujala Digital
ऐसे मिलेगी इस पैकेज की सुविधा
मध्यप्रदेश में आध्यात्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग मां नर्मदा की परिक्रमा कराने की अभिनव पहल कर रहा है। पर्यटन विभाग के 14 दिन और 15 रात के इस टूर पैकेज की सुविधा जबलपुर, इंदौर और भोपाल से ली जा सकती है। जबलपुर से अमरकंटक, मंडला, करेली, होशंगाबाद, हांडिया, ओंकारेश्वर, बड़वानी, राजपिपल्या, काठपोर, मीठी तलाई, बडोदरा, झाबुआ, महेश्वर, उज्जैन, सलकनपुर, बुदनी, जबलपुर होते हुए अमरकंटक में यात्रा का समापन होगा। इसी तरह इंदौर-भोपाल से यात्रा प्रारंभ होकर उज्जैन, ओंकारेश्वर, बड़वानी, राजपिपल्या, काठपोर, मीठी तलाई, झाबुआ, मांडू, महेश्वर, सलकनपुर, झाबुआ, अमरकंटक, मंडला, करेली, होशंगाबाद, ओंकारेश्वर होते हुए इंदौर-भोपाल में यात्रा का समापन होगा। मप्र पर्यटन विकास निगम की ओर से शुरू आध्यात्म नर्मदा परिक्रमा से जहां प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से  यह प्रदेश के लिए फलदायी होगी।

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नर्मदा उद्गम मंदिर, अमरकंटक - फोटो : Amar Ujala Digital
नर्मदा सेवा यात्रा ने बदली तस्वीर   
मध्य प्रदेश  देश का पहला ऐसा पहला राज्य  है,  जिसने 2017 में  नर्मदा नदी को मां के समान  माना। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से ‘नमामि देवि नर्मदे’ के तहत 11 दिसंबर 2016 से 15 मई 2017 तक नर्मदा सेवा यात्रा आयोजित की गई। जिससे नदी की सेहत और सूरत बदली। आज नर्मदा नदी  का जल गुणवत्ता अन्य नदियों के मुकाबले अच्छी स्थिति में है।   
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नर्मदा नदी - फोटो : Amar Ujala Digital
नर्मदा संरक्षण को लेकर पीएम मोदी ने की सराहना
नर्मदा संरक्षण को लेकर चलाए गए जन अभियान को लेकर पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश सरकार की प्रशंसा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने देश के अन्य  राज्यों को भी मध्य प्रदेश  सरकार की तरह जनअभियान चलाए जाने की बात कही। जिससे देश के अन्य राज्य भी नदियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए इसी के अनुरूप अपनी योजनाएं बना सकें। जनभागीदारी के बिना कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती। मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा सेवा का भाव जगाकर पूरे प्रदेश में एक नई लकीर खींचने की कोशिश की है।
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