मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश आसमानी आफत बनकर गिर रही है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों से संपर्क टूट गया है। बेतवा नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे विदिशा के 70 गांवों को सुरक्षित स्थान पर शिफ़्ट करने का कार्य चल रहा है। भोपाल शहर में इंडस कॉलोनी, शिवनगर आदि स्थानों से जल प्लावन की स्थिति होने से नागरिकों को शिफ़्ट किया गया है। भोपाल ज़िला प्रशासन के लिए 3 एनडीआरएफ और 4 एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई हैं। दो एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर विदिशा के लिए किए गए हैं। प्रदेश में 8 एनडीआरएफ टीम तैनात हैं। विदिशा में 3 टीम के अलावा 2 ग्वालियर में, 1 सीहोर में, 1 नर्मदापुरम में और 1 जबलपुर में तैनात की गई है।
नर्मदा का जल स्तर बीते 24 घंटों में 945 फीट से 964 फीट पहुंच गया है और आज देर रात डेंजर लेवल 967 फ़ीट से ऊपर जाने का ख़तरा है। नर्मदा और बेतवा से लगे जिलों में जिला प्रशासन को हाई अलर्ट किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ACS गृह शाम से ही ज़िलों की बाड़े की स्तिथि की समीक्षा कर रहे हैं।
इधर केरवा के 8 के 8, कलियासोत के 13 के 13, सगड 12 में से 10, राजघाट के 18 में से 16 गेट खोले गए हैं। इन सबका पानी बेतवा नदी में जलस्तर बढ़ा रहा है। नर्मदा बेसिन के बरगी डैम के 21 में से 17, बरना डैम के 8 में से 6, तवा डैम के 13 के 13 गेट खुले हैं। नर्मदा बेसिन के ही इंदिरासागर बांध के 20 में से 12 और ओंकारेश्वर डैम के 23 में से 18 गेट खुले हैं।
छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश मार्ग बंद
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से दोनों राज्यों को जोड़ने वाले रास्ते बंद हो गए हैं। भारी बारिश के चलते गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से करीब 15 किमी आगे मध्यप्रदेश के अनूपपुर में लैंडस्लाइड होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई जिसके चलते 15 से 20 ट्रक फंस गए हैं। वहीं, राजेंद्रग्राम-अमरकंटक को जोड़ने वाले किरर मार्ग पर रिटेनिंग वॉल सहित सड़क बहने का मामला सामने आया है। यहां जिला प्रशासन ने अगले आदेश तक आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
भोपाल में क्रूज डूबा
राजधानी भोपाल में बारिश का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिला। भोपाल में बीते 36 घंटों से बारिश जारी है। बारिश की स्थिति को देखते हुए सोमवार को भोपाल, सीहोर, शाजापुर, जबलपुर जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। बीते 24 घंटे में भोपाल में 109.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में कई जगह पर तेज बारिश और हवाओं के चलते पेड़ धराशायी हो गए, जिससे बिजली के तार टूट गए और विद्युत सप्लाई बाधित हो गई है। भोपाल के कई हिस्सों ंमें देर रात से बिजली गुल है। करीब 200 कॉलोनियों में पानी भर गया है। भारी बारिश के चलते राजा भोज ताला में आधा क्रूज डूब गया।