ऐ अल्लाह! हम गुनाहगार हैं, खतावार हैं, बदकार हैं... तेरे हुक्म से गाफिल हैं... लेकिन जो हैं, जैसे हैं तेरे बंदे हैं...? ऐ अल्लाह तू रहीम है, हम पर रहम कर दे... तू करीम है, हम पर करम कर दे। हमारे गुनाहों का बोझ बहुत है, लेकिन तू गुनाहों को माफ करने वाला है, अपने बंदों पर रहम करने वाला है... हमें भी माफ कर दे...! ऐ अल्लाह, सारी दुनिया को इल्म के नूर से रौशन कर दे... ऐ अल्लाह सारी कायनात में अमन, सुकून, भाईचारे की हवाएँ चला दे... ऐ अल्लाह इस शहर, सूबे, मुल्क को कामयाबी, तरक्की की बुलंदियों से मालामाल कर दे...!
अकीदतमंदों से खचाखच भरी भोपाल ईदगाह पर काजी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने जब यह दुआ करवाई तो हर तरफ से उठने वाली आमीन की आवाज ने माहौल को रुहानियत से भर दिया। बुधवार को ईद उल फितर की पहली नमाज ईदगाह पर सुबह 7:15 बजे अदा की गई। नमाज से पहले शहर काजी ने कुरआन और हदीस पर केंद्रित तकरीर की। नमाज के बाद खुतबा (धार्मिक प्रवचन) हुआ, उसके बाद दुआ हुई। इसके बाद लोग एक दूसरे से गले लगकर ईद की मुबारकबाद देते हुए घरों की तरफ रवाना हुए।