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कोरोना से लड़ेगी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, योग से बनाएं और मजबूत, जंक फूड से बच्चों को रखें दूर

Sat, 18 Apr 2020 03:59 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
लखनऊ विश्वविद्यालय का योग एवं नैचुरोपैथी केंद्र लोगों को योगाभ्यास के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रशिक्षण दे रहा है। लोगों को व्हाट्सएप और यू-ट्यूब चैनल के जरिये योगाभ्यास व संतुलित आहार की जानकारी दी जा रही है। लविवि कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के अनुसार, कोरोना के इलाज के लिए अब तक कोई दवा नहीं है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
डॉक्टरों के मुताबिक बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता से हम बीमारी से बच सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए यह निशुल्क सेवा शुरू की गई है। योग केंद्र के समन्वयक डॉ. अमरजीत यादव बताते हैं कि योग विद्या की मान्यता के अनुसार शरीर खुद एक बेहतर डॉक्टर है। रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्वत: ठीक होने की क्षमता को विकसित करने के लिए योग महत्वपूर्ण साधन है। योग का अभ्यास शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, आध्यात्मिक स्तर को विकसित करता है। इससे रक्त संचार, पाचन, पोषण, श्वसन से संबंधित क्रियाएं सुचारु रूप से चलने लगती हैं। इससे शरीर में किसी प्रकार के संक्रमण की आशंका कम हो जाती है।
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- फोटो : अमर उजाला
डॉ. अमरजीत ने बताया कि ई-कंटेंट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसी कड़ी में आज हम आपके लिए लाए हैं बच्चों से लेकर युवाओं तक में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उपयोगी योगासन और खानपान के बारे में...। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए पवनमुक्तासन, जानुशीर्षासन, शलभासन एवं हलासन विशेष रूप से प्रभावी हैं। इनके अभ्यास से बच्चों में रक्त संचार, नर्वस सिस्टम, श्वसन तंत्र, पाचन तंत्र से संबंधित क्रियाएं सुचारु रूप से काम करती हैं।
 

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- फोटो : social media
प्राणायाम : श्वास के जरिये ली गई ऑक्सीजन को प्राणवायु कहा जाता है, शरीर में ऑक्सीजन की समुचित मात्रा रहने पर प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहती है। इसके लिये बच्चों को नाड़ी शोधन, भस्त्रिका तथा उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। इन अभ्यासों से फेफड़ों की कार्यक्षमता एवं रक्त में ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है।
मुद्रा : योग विद्या के अनुसार, मुद्रा के अभ्यास से मन पर नियंत्रण तथा इम्यूनिटी विकसित होती है, जिनमें ज्ञान मुद्रा और काकी मुद्रा का अभ्यास उपयोगी होता है।

 
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- फोटो : Social media
जलनेति : ऐसे बच्चे जिन्हें लगातार सर्दी और जुकाम की शिकायत रहती है। उन्हें जलनेति का अभ्यास करना लाभकारी होता है।
आहार : बच्चों की इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए कम मसालेदार और कम तेल के प्रयोग से तैयार किया गया भोजन देना चाहिए। जंकफूड और फास्टफूड से परहेज करना चाहिए।

 
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