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Lucknow: तांगे व स्कूटी से रैली निकालकर 'सुरक्षित नारी, सुरक्षित लखनऊ' का दिया संदेश, तस्वीरें

Fri, 08 Mar 2024 03:25 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
हाथों में तिरंगा। चेहरे पर जोश व उत्साह। सिर पर पगड़ी और दिल में आसमान छू लेने की ख्वाहिश लेकर जब महिलाएं सड़क पर उतरीं तो उनका कारवां जहां से गुजरा, लोग उन्हें देखते रह गए। बाइक, स्कूटी पर सवार महिलाओं ने सुरक्षित नारी, सुरक्षित लखनऊ का संदेश दिया और बेटियों, महिलाओं के हौसलों से लखनऊवालों को रूबरू कराया। विभिन्न हिस्सों से होते हुए शाम को महिलाएं 1090 चौराहे पहुंची, जहां उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जोश से लबरेज यह माहौल बृहस्पतिवार की शाम को देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला व पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत तीन प्रमुख केंद्रों 181 वन स्टॉप सेंटर, शीरोज कैफे व अमर उजाला कार्यालय डालीबाग से महिलाओं की रैली निकाली गई, जो शाम को 1090 चौराहे पर पहुंची। यहां महिलाओं का उत्साह देखने लायक था। इस मौके पर लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने प्रस्तुतियां दीं।

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- फोटो : amar ujala
पुरुषों से श्रेष्ठ हैं महिलाएं, समझनी होगी यह बात, तब होगा विकास : मालिनी अवस्थी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं। उन्होंने कहा कि यूपी में महिलाएं सुरक्षित रह रही हैं। यह एक मिसाल है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था महिलाओं के विकास में सहयोगी है। उन्होंने अपने जन्म से जुड़े किस्से भी सुनाए। बताया कि कैसे उनके जन्म पर पिता ने खुशियां मनाई थीं। मालिनी अवस्थी ने कहा कि बेटों-बेटियों में भेदभाव को खत्म करने का जिम्मा हमें उठाना होगा। महिलाओं को यह समझना होगा कि वे पुरुषों से श्रेष्ठ हैं। उन्होंने बताया कि बेटों के जन्म पर सोहर गाए जाते हैं। पर, उन्होंने बेटी के जन्म पर सोहर बनाया, जिसे गाया भी। यह भी कहा कि बेटी के जन्म पर मां की पीठ थपथपानी होगी।
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महिलाओं द्वारा निकाली गई स्कूटी रैली। - फोटो : amar ujala
शिक्षा का दायरा बढ़ने से हुआ नारियों का विकास : एडीजी पद्मजा चौहान
विशिष्टि अतिथि एडीजी पद्मजा चौहान ने नारी सशक्तीकरण का मतलब महिलाओं को समझाया। उन्होंने कहा कि जब संविधान भेद नहीं करता, फिर स्त्री अधिकारों की बातें अलग से क्यों की जाएं। शिक्षा का दायरा बढ़ने पर नारियों का विकास हुआ है। कहा कि महिला हेल्पडेस्क, एंटी रोमियो टीम बनाई गई हैं। इसके अलावा पुरुषों की मानसिकता बदलने के लिए नुक्कड़ नाटक कराए जाते हैं।

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सुरक्षित नारी, सुरक्षित लखनऊ - फोटो : amar ujala
90 महिला पुलिसकर्मियों ने बढ़ाया जोश
तीन जगहों से महिलाओं की बाइक, स्कूटी रैली में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हुईं, जिन्होंने एस्कॉर्ट किया और जोश भी बढ़ाया। तीनों जगहों से 45 स्कूटी पर 90 महिला पुलिसकर्मी 1090 चौराहे पर पहुंचीं। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची महिलाओं के हौसले भी बुलंद नजर आए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
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- फोटो : amar ujala
इन महिला पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
-किरण यादव, एसीपी लाइन
-मनीषा सिंह, एडीसीपी सेंट्रल
-जया शांडिल्य, एडीसीपी महिला अपराध
-नेहा त्रिपाठी, एसीपी महानगर
-अंशु जैन, एसीपी गोमतीनगर

(तस्वीर में - आयोजन के दौरान मौजूद एसीपी नेहा त्रिपाठी, आईपीएस किरण यादव, एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह, एडीजी पद्मजा चौहान, लोकगायिका मालिनी अवस्थी, एडीसीपी जया शांडिल्य व एसीपी अंशु जैन।)
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- फोटो : amar ujala
इन्हें भी मिला पुरस्कार: खेल की श्रेणी में 58 वर्षीय अल्ट्रारन आशा सिंह, चंद्रकांता चनना, मालविका बाजपेयी, काजल राठौर को सामाजिक संगठन व क्लब के क्षेत्र में पायल सिंह, सरिता गंगवार, नीलू श्रीवास्तव, रेहाना प्रवीन, प्रमिला रस्तोगी, अंजलि गोयल, नम्रता चौहान, अलका सिंह, गोपिका जलोटा, मालविका, राखी को पुरस्कृत किया गया। इसी क्रम में आरती कपूर एंड टीम, पुनीता भटनागर एंड टीम, निवेदिता सिंह, शिखा भार्गव, हेमा खत्री, सुमन सिंह रावत, माया यादव, नव्या बाइकरनी ग्रुप, वीमेन आर्मी ट्रस्ट, 181 वन स्टॉप सेंटर, लक्षिका ग्रुप, प्राची जैन, प्रख्याति श्रीवास्तव, ऊषा विश्वकर्मा, आनंदी अग्रवाल, डॉ अंजु वार्ष्णेय को सम्मानित किया गया।
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