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नागरिकता कानून: भीषण ठंड में भी रात भर बच्चों संग बिना अलाव व टेंट के डटी रहीं महिलाएं, तस्वीरें

Mon, 20 Jan 2020 03:22 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में शुक्रवार से राजधानी लखनऊ में शुरू हुआ महिलाओं का धरना रविवार को भी जारी रहा। महिलाएं भीषण ठंड में घंटाघर पर बच्चों के साथ बिना अलाव व टेंट के डटी रहीं। पार्क में महिला शौचालय बंद होने सहित अन्य समस्याओं के बाद भी महिलाएं पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

रविवार को घंटाघर पर सुबह महिलाओं की संख्या कम दिखी पर विरोध जारी रहा। हाथों में नो सीएए, नो एनआरसी, रिजेक्ट सीएए और बायकॉट एनआरसी जैसी नारे लिखी तख्तियां लिए महिलाएं विरोध करती दिखीं। दोपहर बाद महिलाओं की संख्या बढ़नी शुरू हुई तो घंटाघर के पास का इलाका भीड़ से भर गया।
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- फोटो : अमर उजाला
रात में ठंड से बचाव के साधन न होने के बावजूद महिलाएं देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगीत के जरिये हौसला बांध रही हैं। प्रदर्शन में शामिल इरम व सुमैया राना का आरोप है कि पुलिस प्रदर्शन को कमजोर करने पर अड़ी है। कोई पुरुष इसका विरोध करता है तो उसे गिरफ्तार कर ले रही है। बीती रात सलीम नामक लड़के को पुलिस अपने साथ ले गई। उसे सुबह तक छोड़ा नहीं गया।
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नागरिकता - फोटो : अमर उजाला
दिव्यांग दंपती भी हुए शामिल
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रविवार को वजीरबाग के दिव्यांग दंपती मो. वसीम व उनकी पत्नी तरन्नुम वसीम अब्बास भी घंटाघर अपनी ट्राई साइकिल से पहुंचे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।

पुलिसकर्मियों को बांटे गुलाब के फूल
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कंबल व खाने का सामान छीनने का आरोप लगाया। इसके विरोध में रविवार को प्रदर्शन में शामिल होने आई बच्चियों ने पुलिसकर्मियों को गुलाब के फूल देकर गांधीगीरी की।

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- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दो दिन से लखनऊ के घंटाघर पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों व उनके समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट भी डाले जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की विवादित पोस्ट के वायरल होने से समाज में दुर्भावना पैदा हो सकती है। इसी के मद्देनजर लखनऊ पुलिस ने 112 लोगों पर भड़काऊ पोस्ट डालने व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

मालूम हो कि सीएए और एनआरसी को लेकर दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर राजधानी में भी लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया है। दो दिन पहले ठाकुरगंज के घंटाघर के नीचे सैकड़ों लोग जुटे। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यहां पर लोग सीएए और एनआरसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों की वीडियो व फोटो लेकर सोशल मीडिया पर डाल दिया और लखनऊ पुलिस के खिलाफ अभियान चला दिया। शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए एक पोस्ट की गई। इस पोस्ट में अमर्यादित टिप्पणियां की गईं।

देर रात पुलिस ने मामले पर अपनी सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर भी अपना पक्ष रखा लेकिन प्रदर्शनकारियों के पक्ष में लगातार टिप्पणी करने वाले बाज नहीं आए। मामले को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एडीसीपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने ठाकुरगंज, चौक, वजीरगंज, बाजारखाला, हसनगंज, तालकटोरा थाने में 112 लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
जेल से रिहा होने के बाद शुएब भी पहुंचे घंटाघर
नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध प्रदर्शन में हिंसा के बाद गत 20 दिसंबर को गिरफ्तार किए गए रिहाई मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मो. शुएब एक महीने बाद जेल से छूटने के बाद सीधे घंटाघर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि संविधान के खिलाफ कुछ भी गलत होता है तो हम सभी का कर्तव्य है कि उसका विरोध करें। इसका अधिकार हमें देश का संविधान देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को हिंसक बनाने की साजिश जानबूझ कर की गई थी। उन्होंने कहा कि आज देश की बहन, बेटियाें ने दिखा दिया है कि देश में संविधान का ही राज होगा।

नहीं खुला महिला शौचालय का ताला
ऐतिहासिक घंटाघर पर महिलाओं के जुटने के बाद शुक्रवार से ही बंद पार्क में बने शौचालय का ताला रविवार को भी नहीं खुला। इससे महिलाएं पुरुष शौचालय का इस्तेमाल करने पर मजबूर है। ऐसे में कई बार उन्हें परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।
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