व्यस्ततम बाजार अमीनाबाद में ही नहीं लखनऊ के कई अन्य इलाकों में भी फुटपाथ और डिवाइडर पर पक्की पुलिस चौकियां बना ली गईं। लालबाग के नावेल्टी सिनेमा के पास, अलीगंज के पुरनिया चौराहा, रामराम बैंक चौराहा समेत कई जगह ऐसी पुलिस चौकियां हैं। फुटपाथ और डिवाइडर पर खड़ी ये पुलिस चौकियां जाम का सबब बनती हैं। हाईकोर्ट और शासन के आदेश के विपरीत सड़क-फुटपाथ और डिवाइडर पर बनाई गईं चौकियां तो अस्थायी से स्थायी हो गईं, लेकिन जिन भी चौराहों पर ये बनीं वहां न तो अतिक्रमण कम हुआ न अवैध कब्जे। हैरानी तो ये है कि चौकियाें के आसपास ही सबसे ज्यादा अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं। वह भी तब जबकि इन स्थानों पर कई बार अतिक्रमण हटाया भी गया। दोबारा कब्जे न हों उसके लिए स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी भी तय है, लेकिन उसका कोई असर दिखता नहीं है।