प्रतीकात्मक तस्वीर
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केस-1: पापा सुबह ही जाकर ले आए शराब
सरोजनीनगर की 19 साल की बेटी बोली, पिछले एक महीने में पापा ने न तो एक बूंद शराब पी, न ही मम्मी को एक भी दिन रोना पड़ा। आम दिनों में शायद ही कोई दिन ऐसा होता हो, जब पापा शराब पीकर घर न आते हों। झगड़े की नौबत तो यहां तक आ जाती थी कि किसी-किसी दिन हमारे यहां चूल्हा ही नहीं जलता था। आज पापा सुबह ही जाकर शराब ले आए, फिर वही सब शुरू हो जाएगा।
केस-2: पापा बोले, अब नहीं पीएंगे
अलीगंज निवासी एक परिवार के बच्चों का कहना है कि लॉकडाउन में शराब न मिलने से हमारे घर में सब कुछ ठीक था। 13 साल का बेटा कहता है कि पापा रोज तो नहीं पीते थे, लेकिन हफ्ते में दो दिन जरूर पीते थे और उन दो दिन का दर्द हम लोग पूरे हफ्ते झेलते थे। जब तक दर्द सही होता, फिर वे दो दिन आ जाते थे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे अब शराब नहीं पीएंगे।